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बंड के ग्रामीणों ने ऑल वेदर रोड़ की सर्वे कर रही कंपनी पर मनमानी का आरोप लगाया
Updated Sun, 20 Aug 2017 10:39 PM IST
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पीपलकोटी। बंड क्षेत्र के ग्रामीणों ने जिले में प्रस्तावित ऑल वेदर रोड का सर्वे कार्य कर रही कास्टा कंस्ट्रक्शन कंपनी पर मनमानी का आरोप लगाया है। कहा गया कि कंपनी की ओर से ऑल वेदर रोड के लिए सेटेलाइट सर्वे कार्य किया जा रहा है, जबकि पहाड़ी क्षेत्र में सेटेलाइट सर्वे के अनुसार कार्य करना संभव नहीं है। ग्रामीणों ने मामले में मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर आबादी वाले क्षेत्रों में रोड की चौड़ाई के मानकों में छूट देने की मांग उठाई है।
बंड संगठन के पूर्व अध्यक्ष अतुल शाह और शरद गैरोला का कहना है कि बीआरओ की ओर से चमोली-पीपलकोटी के मध्य 85 फीसदी हाईवे चौड़ीकरण कार्य पूर्ण कर दिया गया है, जिसके बाद अब ास्टा कंस्ट्रक्शन कंपनी की ओर से हाईवे को छोड़कर 18 मीटर की सर्वे की जा रही है, जो पहाड़ी क्षेत्रों में न्याय संगत नहीं है। कहा गया कि यदि सरकार द्वारा मानकों में बदलाव नहीं किया जाता, तो बदरीनाथ हाईवे पर कई नगर समाप्त हो जाएंगेे। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर आबादी क्षेत्रों में मानकों को बदलते हुए सड़क के मध्य से दोनों ओर 6-6 मीटर करने की मांग की है। कहा गया कि यदि सरकार की ओर से लोगों की मांग पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे आंदोलन करेंगे। मामले में तहसीलदार सोहन सिंह रांगड का कहना है कि ऑल वेदर रोड को लेकर मानकों में बदलाव की मांग का प्रस्ताव केद्र सरकार को भेजा गया है।
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बंड संगठन के पूर्व अध्यक्ष अतुल शाह और शरद गैरोला का कहना है कि बीआरओ की ओर से चमोली-पीपलकोटी के मध्य 85 फीसदी हाईवे चौड़ीकरण कार्य पूर्ण कर दिया गया है, जिसके बाद अब ास्टा कंस्ट्रक्शन कंपनी की ओर से हाईवे को छोड़कर 18 मीटर की सर्वे की जा रही है, जो पहाड़ी क्षेत्रों में न्याय संगत नहीं है। कहा गया कि यदि सरकार द्वारा मानकों में बदलाव नहीं किया जाता, तो बदरीनाथ हाईवे पर कई नगर समाप्त हो जाएंगेे। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर आबादी क्षेत्रों में मानकों को बदलते हुए सड़क के मध्य से दोनों ओर 6-6 मीटर करने की मांग की है। कहा गया कि यदि सरकार की ओर से लोगों की मांग पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे आंदोलन करेंगे। मामले में तहसीलदार सोहन सिंह रांगड का कहना है कि ऑल वेदर रोड को लेकर मानकों में बदलाव की मांग का प्रस्ताव केद्र सरकार को भेजा गया है।
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