{"_id":"599877774f1c1b2d418b494c","slug":"1503164299265-haridwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर निगम की ग्रांट में एक करोड़ 65 लाख की कटौती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर निगम की ग्रांट में एक करोड़ 65 लाख की कटौती
Updated Sat, 19 Aug 2017 11:11 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
शासन की ओर से प्रदेश के छह नगर निगमों के लिए 14 वें वित्त आयोग से दी जाने वाली दूसरी किश्त के लिए 16 करोड़ 23 लाख 52 हजार रुपये जारी कर दिए गए हैं। नगर निगम हरिद्वार को दूसरी किश्त में एक करोड़ 65 लाख 65 हजार रुपये की भारी कटौती की गई है। उसके हिस्से मात्र एक करोड़ 10 लाख 63 हजार रुपये की आए हैं। इस कटौती को लेकर वित्त विभाग का बहाना ये है कि नगर निगम हरिद्वार को 14वें वित्त आयोग की पहली किश्त 4 करोड़ 47 लाख रुपये जारी कर दिए गए थे, जबकि उसकी पहली किश्त 2 करोड़ 76 लाख रुपये बनती थी। प्रथम किश्त में 4 करोड़ 47 लाख रुपये जारी होने पर नगर निगम मेयर मनोज गर्ग ने दावा किया था कि उन्होंने केंद्रीय शहरी विकास मंत्री से मिलकर हरिद्वार के विकास के लिए अनुदान धनराशि में बढ़ोतरी कराई है। शासन की ओर से निकायों को जारी 14वें वित्त आयोग द्वितीय किश्त को बेसिक अनुदान बताया गया है। जिसे नगर निगम की जनसंख्या एवं क्षेत्रफल के आधार पर दिया जाता है। जिसका उपयोग सड़क, फुटपाथ तथा स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव में किया जाता है। मेयर मनोज गर्ग का अब भी यही कहना है कि उन्होंने ग्रांट में बढ़ोतरी कराई थी। किश्त के आधार पर इसमें कटौती की कई है इसकी शासन से जानकारी लेंगे तथा कटौती की गई धनराशि को फिर जारी कराने का प्रयास करेंगे।
हरिद्वार।
शासन की ओर से प्रदेश के छह नगर निगमों के लिए 14 वें वित्त आयोग से दी जाने वाली दूसरी किश्त के लिए 16 करोड़ 23 लाख 52 हजार रुपये जारी कर दिए गए हैं। नगर निगम हरिद्वार को दूसरी किश्त में एक करोड़ 65 लाख 65 हजार रुपये की भारी कटौती की गई है। उसके हिस्से मात्र एक करोड़ 10 लाख 63 हजार रुपये की आए हैं। इस कटौती को लेकर वित्त विभाग का बहाना ये है कि नगर निगम हरिद्वार को 14वें वित्त आयोग की पहली किश्त 4 करोड़ 47 लाख रुपये जारी कर दिए गए थे, जबकि उसकी पहली किश्त 2 करोड़ 76 लाख रुपये बनती थी। प्रथम किश्त में 4 करोड़ 47 लाख रुपये जारी होने पर नगर निगम मेयर मनोज गर्ग ने दावा किया था कि उन्होंने केंद्रीय शहरी विकास मंत्री से मिलकर हरिद्वार के विकास के लिए अनुदान धनराशि में बढ़ोतरी कराई है। शासन की ओर से निकायों को जारी 14वें वित्त आयोग द्वितीय किश्त को बेसिक अनुदान बताया गया है। जिसे नगर निगम की जनसंख्या एवं क्षेत्रफल के आधार पर दिया जाता है। जिसका उपयोग सड़क, फुटपाथ तथा स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव में किया जाता है। मेयर मनोज गर्ग का अब भी यही कहना है कि उन्होंने ग्रांट में बढ़ोतरी कराई थी। किश्त के आधार पर इसमें कटौती की कई है इसकी शासन से जानकारी लेंगे तथा कटौती की गई धनराशि को फिर जारी कराने का प्रयास करेंगे।