{"_id":"599877764f1c1b0b698b46b8","slug":"15031642987-haridwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पतंजलि योगपीठ पहुंची यूपी की बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पतंजलि योगपीठ पहुंची यूपी की बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल
Updated Sat, 19 Aug 2017 11:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
उत्तर प्रदेश की बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल ने शनिवार को पतंजलि योगपीठ पहुंचकर आचार्य बालकृष्ण से मुलाकात की। उन्होंने पतंजलि रिसर्च सेंटर, आचार्यकुलम सहित पतंजलि योगपीठ के अन्य प्रकल्पों का अवलोकन भी किया। अनुपमा जायसवाल ने आचार्य बालकृष्ण के साथ उत्तर प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों के बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी समस्याओं के निदान में जैविक एवं आयुर्वेद सम्मत आहार की संभावनाओं पर चर्चा भी की।
इस दौरान अनुपमा जायसवाल ने कहा कि पतंजलि के योग-आयुर्वेद अभियान से देश के करोड़ों लोगों को स्थायी स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय ऋषियों द्वारा अनुसंधित आयुर्वेद और जटिल से जटिल रोगों में कारगर आयुर्वेद सम्मत औषधीय वनस्पतियां जन साधारण के बीच अपनी पहचान खोती जा रहीं थीं। आयुर्वेद के क्षेत्र में कार्य करने वाले चिकित्सक तक आयुर्वेद से बचने लगे थे। आचार्य बालकृष्ण और स्वामी रामदेव के अथक प्रयास के लिए सदियों तक मानव उनकी ऋणी रहेगी।
आचार्य बालकृष्ण ने इस दौरान पतंजलि अभियान की ओर से देश के लाखों किसानों को मिल रहे उनके उत्पादों के सम्मानजनक मूल्य तथा लाखों युवाओं की दूर हो रही बेरोजगारी व गरीबी के लिए हो रहे अहर्निश पुरुषार्थ से भी अवगत कराया। मंत्री अनुपमा जायसवाल ने आचार्य से आशीर्वाद भी लिया।
हरिद्वार।
उत्तर प्रदेश की बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल ने शनिवार को पतंजलि योगपीठ पहुंचकर आचार्य बालकृष्ण से मुलाकात की। उन्होंने पतंजलि रिसर्च सेंटर, आचार्यकुलम सहित पतंजलि योगपीठ के अन्य प्रकल्पों का अवलोकन भी किया। अनुपमा जायसवाल ने आचार्य बालकृष्ण के साथ उत्तर प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों के बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी समस्याओं के निदान में जैविक एवं आयुर्वेद सम्मत आहार की संभावनाओं पर चर्चा भी की।
इस दौरान अनुपमा जायसवाल ने कहा कि पतंजलि के योग-आयुर्वेद अभियान से देश के करोड़ों लोगों को स्थायी स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय ऋषियों द्वारा अनुसंधित आयुर्वेद और जटिल से जटिल रोगों में कारगर आयुर्वेद सम्मत औषधीय वनस्पतियां जन साधारण के बीच अपनी पहचान खोती जा रहीं थीं। आयुर्वेद के क्षेत्र में कार्य करने वाले चिकित्सक तक आयुर्वेद से बचने लगे थे। आचार्य बालकृष्ण और स्वामी रामदेव के अथक प्रयास के लिए सदियों तक मानव उनकी ऋणी रहेगी।
विज्ञापन
आचार्य बालकृष्ण ने इस दौरान पतंजलि अभियान की ओर से देश के लाखों किसानों को मिल रहे उनके उत्पादों के सम्मानजनक मूल्य तथा लाखों युवाओं की दूर हो रही बेरोजगारी व गरीबी के लिए हो रहे अहर्निश पुरुषार्थ से भी अवगत कराया। मंत्री अनुपमा जायसवाल ने आचार्य से आशीर्वाद भी लिया।
विज्ञापन