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चार लाख रुपये से बना अस् थायी दफ्तर बना गोदाम
Updated Thu, 17 Aug 2017 10:07 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
नगर निगम परिसर में चार लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित अस्थायी कार्यालय कक्ष पॉलिथीन का गोदाम बन गया है। पुराने जर्जर कार्यालय भवन की मरम्मत कराने के लिए यह अस्थायी टीन शेड बनवाया गया था। बरसात से पहले इसमें कार्यालय शिफ्ट होने थे, लेकिन कर्मचारियों को वह पसंद नहीं आ रहा है।
नगर निगम का जनरल कार्यालय भवन में पहले अंग्रेजों के घोड़े बंधते थे। 150 साल से पुराना यह भवन जर्जर स्थिति में हैं। उसकी छत का मलबा कर्मचारियों की मेज पर गिरता है। कर्मचारियों ने उसके अंदर जाना कई बार बंद भी किया था। बरसात में बाहर से अधिक बारिश कार्यालय के अंदर होने से अभिलेख भी बरबाद हो रहे थे। नगर निगम बोर्ड ने नए भवन बनने तक पुराने कार्यालय भवन की मरम्मत का निर्णय लिया था। इसलिए मेयर मनोज गर्ग ने नगर निगम परिसर में ही टीन शेड का अस्थायी कार्यालय बनवाया, परंतु बिजली की फिटिंग नहीं होने से कार्यालय शिफ्ट नहीं हो पाया है इसलिए कर्मचारियों ने उसे जब्त की कई पॉलिथीन का गोदाम बना दिया है। इसी प्रकार नगर निगम का जन्म-मृत्यु कार्यालय भी शौचालय में चल रहा है। उसके पुराने जर्जर कार्यालय की मरम्मत कराए तीन महीने से अधिक का समय हो गया है, परंतु लाइट की फिटिंग नहीं हो पाई है। पुराने कार्यालय पर नया लेंटर डालकर ठीक कराया गया था। हालांकि मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर कर्मचारी ही सवाल उठा रहे हैं। इसके बावजूद बिजली की फिटिंग करा दी गई होती तो जन्म-मृत्युुुु पंजीकरण दफ्तर ठीक से काम करने लगता।
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