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वैकल्पिक पेयजल योजना की सीबीआई जांच की मांग
Updated Thu, 17 Aug 2017 09:51 PM IST
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श्रीनगर। प्रगतिशील जनमंच ने अधूरी छूटी एएचपीसीएल वैकल्पिक पेयजल योजना की सीबीआई जांच की मांग की है। मांग नहीं माने जाने पर उन्होंने कोर्ट की शरण लेने की बात कही।
बृहस्पतिवार को पेयजल निगम देवप्रयाग के अधिशासी अभियंता राकेश तिवाड़ी से वार्ता करने पहुंचे प्रजम के प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि श्रीनगर जल विद्युत परियोजना निर्माण के बाद स्वीत से श्रीनगर के बीच अलकनंदा नदी में पानी बहुत कम हो गया है। कहा कि जल निगम, जल संस्थान और जीवीके में वर्ष 2010-11 में दूसरे स्थान से पाइप लाइन बिछाने (वैकल्पिक पेयजल योजना) का अनुबंध हो चुका है, लेकिन इस काम एक साल से ठप पड़ा हुआ है। वार्ता में ईई ने बताया मई माह में जीवीके ने 4 करोड़ देने की बात कही थी। लेकिन अभी तक यह धनराशि मिली नहीं है। वार्ता में प्रजम के अध्यक्ष अनिल स्वामी, संयोजक जेपी पुरी, जेपी पोखरियाल, चंद्रमोहन बहुगुणा व संजय घिल्डियाल ने कहा कि कंपनी अपनी मनमानी कर रही है, लेकिन जनप्रतिनिधि चुप बैठेंगे। ब्यूरो
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बृहस्पतिवार को पेयजल निगम देवप्रयाग के अधिशासी अभियंता राकेश तिवाड़ी से वार्ता करने पहुंचे प्रजम के प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि श्रीनगर जल विद्युत परियोजना निर्माण के बाद स्वीत से श्रीनगर के बीच अलकनंदा नदी में पानी बहुत कम हो गया है। कहा कि जल निगम, जल संस्थान और जीवीके में वर्ष 2010-11 में दूसरे स्थान से पाइप लाइन बिछाने (वैकल्पिक पेयजल योजना) का अनुबंध हो चुका है, लेकिन इस काम एक साल से ठप पड़ा हुआ है। वार्ता में ईई ने बताया मई माह में जीवीके ने 4 करोड़ देने की बात कही थी। लेकिन अभी तक यह धनराशि मिली नहीं है। वार्ता में प्रजम के अध्यक्ष अनिल स्वामी, संयोजक जेपी पुरी, जेपी पोखरियाल, चंद्रमोहन बहुगुणा व संजय घिल्डियाल ने कहा कि कंपनी अपनी मनमानी कर रही है, लेकिन जनप्रतिनिधि चुप बैठेंगे। ब्यूरो
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