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वैज्ञानिकों ने खोजी फ्रूट फ्लाई की चार नई प्रजाति
Updated Sat, 12 Aug 2017 10:16 PM IST
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संदीप थपलियाल
श्रीनगर। एचएनबी केंद्रीय गढ़वाल विवि श्रीनगर, कुमाऊं विवि नैनीताल, कोलकाता विवि और होकाइडो विवि जापान के वैज्ञानिकों की टीम ने मध्य हिमालयी क्षेत्र में फल मक्खियों (फ्रूट फ्लाई) की चार नई प्रजातियों की खोज की है। विशेषज्ञों का दावा है कि ये मक्खियां मौसम का अध्ययन करने में मददगार साबित होगी। ये मक्खी क्लाइमेट चेंज और जैव विविधता के इंडीकेटर हैं।
वैज्ञानिकों की टीम ने यूजीसी की वित्तीय मदद से उत्तराखंड और पश्चिमी बंगाल के मध्य हिमालयी क्षेत्र में फल मक्खियों का अध्ययन किया। यह प्रजातियां हल्दू और धतूरे के फूलों पर पाई गईं। वैज्ञानिकों के अनुसार अगर मौसम में गर्मी बढ़ती है तो यह ऊपरी (ठंडे) क्षेत्रों को माइग्रेट करती हैं, जिससे वैज्ञानिकों को मौसम परिवर्तन का अध्ययन करने में सहायता मिलेगी। मक्खी के लोर्डीफोसा वंश पर अध्ययन किया गया। इस दौरान टीम ने गढ़वाल विवि की वानिकी नर्सरी (560 मी.), चोपता (2700 मी.) नैनीताल (2,278 मी.) और दार्जिलिंग (1,458 मी.) में उगे पौधों के फूलों से मक्खियों के नमूने लिए। टीम लीडर गढ़वाल विवि श्रीनगर के जंतु एवं बायोटेक्नोलॉजी विभाग के सहायक प्रोफेसर डा. आरएस फर्त्याल ने बताया कि पूरे विश्व में फल मक्खियों के 75 वंश और 7300 प्रजातियां पाई जाती हैं। नई प्रजातियों को खोजने का अध्ययन पांच साल तक चला। इस दौरान विभिन्न स्थानों से एकत्रित नमूनों का प्रयोगशाला में अध्ययन किया गया। विशिष्ट पहचान के लिए नर मक्खियों के 100 से अधिक गुणों की गणना कर उन्हें वर्गीकृत किया गया। फिर इन गुणों का मिलान पूर्व में खोजी गई फल मक्खियों से किया गया। वैज्ञानिकों की टीम में डा. आरएस फर्त्याल (गढ़वाल विवि), डा. प्रदीप सती (तलवाड़ी महाविद्यालय), डा. मुकुल कांडपाल (नैनीताल), प्रो. रवींद्र चटर्जी व डा. सुष्मिका प्रधान (कोलकाता विवि), प्रो. वीके सिंह(नैनीताल) और प्रो. एमजे टोडा (होकाइडो विवि जापान) शामिल थे।
चारों नई प्रजातियां के नमूनों को जांच के लिए होकाइडो विवि जापान भेजा गया, जहां प्रमाणित हो गया कि चारों नई प्रजातियां हैं।
ये हैं नई प्रजातियां
लोर्डीफोसा श्रीनगरेंसिस (श्रीनगर)
लोर्डीफोसा कर्वा (चोपता)
लोर्डीफोसा मैक्मेडेंसिस (दार्जिलिंग)
लोर्डीफोसा एअरपोर्टेेंसिस (नैनीताल)
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श्रीनगर। एचएनबी केंद्रीय गढ़वाल विवि श्रीनगर, कुमाऊं विवि नैनीताल, कोलकाता विवि और होकाइडो विवि जापान के वैज्ञानिकों की टीम ने मध्य हिमालयी क्षेत्र में फल मक्खियों (फ्रूट फ्लाई) की चार नई प्रजातियों की खोज की है। विशेषज्ञों का दावा है कि ये मक्खियां मौसम का अध्ययन करने में मददगार साबित होगी। ये मक्खी क्लाइमेट चेंज और जैव विविधता के इंडीकेटर हैं।
वैज्ञानिकों की टीम ने यूजीसी की वित्तीय मदद से उत्तराखंड और पश्चिमी बंगाल के मध्य हिमालयी क्षेत्र में फल मक्खियों का अध्ययन किया। यह प्रजातियां हल्दू और धतूरे के फूलों पर पाई गईं। वैज्ञानिकों के अनुसार अगर मौसम में गर्मी बढ़ती है तो यह ऊपरी (ठंडे) क्षेत्रों को माइग्रेट करती हैं, जिससे वैज्ञानिकों को मौसम परिवर्तन का अध्ययन करने में सहायता मिलेगी। मक्खी के लोर्डीफोसा वंश पर अध्ययन किया गया। इस दौरान टीम ने गढ़वाल विवि की वानिकी नर्सरी (560 मी.), चोपता (2700 मी.) नैनीताल (2,278 मी.) और दार्जिलिंग (1,458 मी.) में उगे पौधों के फूलों से मक्खियों के नमूने लिए। टीम लीडर गढ़वाल विवि श्रीनगर के जंतु एवं बायोटेक्नोलॉजी विभाग के सहायक प्रोफेसर डा. आरएस फर्त्याल ने बताया कि पूरे विश्व में फल मक्खियों के 75 वंश और 7300 प्रजातियां पाई जाती हैं। नई प्रजातियों को खोजने का अध्ययन पांच साल तक चला। इस दौरान विभिन्न स्थानों से एकत्रित नमूनों का प्रयोगशाला में अध्ययन किया गया। विशिष्ट पहचान के लिए नर मक्खियों के 100 से अधिक गुणों की गणना कर उन्हें वर्गीकृत किया गया। फिर इन गुणों का मिलान पूर्व में खोजी गई फल मक्खियों से किया गया। वैज्ञानिकों की टीम में डा. आरएस फर्त्याल (गढ़वाल विवि), डा. प्रदीप सती (तलवाड़ी महाविद्यालय), डा. मुकुल कांडपाल (नैनीताल), प्रो. रवींद्र चटर्जी व डा. सुष्मिका प्रधान (कोलकाता विवि), प्रो. वीके सिंह(नैनीताल) और प्रो. एमजे टोडा (होकाइडो विवि जापान) शामिल थे।
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चारों नई प्रजातियां के नमूनों को जांच के लिए होकाइडो विवि जापान भेजा गया, जहां प्रमाणित हो गया कि चारों नई प्रजातियां हैं।
ये हैं नई प्रजातियां
लोर्डीफोसा श्रीनगरेंसिस (श्रीनगर)
लोर्डीफोसा कर्वा (चोपता)
लोर्डीफोसा मैक्मेडेंसिस (दार्जिलिंग)
लोर्डीफोसा एअरपोर्टेेंसिस (नैनीताल)