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आश्रम की संपति खुर्द बुर्द व बर्बाद करने में लगा गृहस्थ व्यक्ति: गोस्वामी
Updated Fri, 11 Aug 2017 10:35 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
अखाड़ा आश्रमों के विवाद में अब एक और मामला श्री भगवान धाम कबीर आश्रम धर्मशाला ट्रस्ट भूपतवाला में सामने आया है। ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत गुरु प्रसाद गोस्वामी ने आश्रम में रह रहे एक गृहस्थ कथित संत पर आश्रम की संपत्ति खुर्द बुर्द करने का आरोप लगाया। हालांकि संत प्रेस क्लब में सात अगस्त को प्रेस वार्ता कर पहले ही दूसरे पक्ष पर यही आरोप लगा चुका है।
प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता में ट्रस्ट के देशभर के ट्रस्टी शामिल हुए। वार्ता में श्री भगवान धाम कबीर आश्रम धर्मशाला ट्रस्ट भूपतवाला के अध्यक्ष गुरु प्रसाद गोस्वामी ने आश्रम और ट्रस्ट का इतिहास बताते हुए कहा कि इसी साल 30 अप्रैल को आश्रम के अध्यक्ष महंत रामरूप की मृत्यु के बाद सभी ट्रस्टियों ने एकमत होकर गठित नई समिति का उन्हें अध्यक्ष बनाया। साथ ही महंत प्रकाशानंद प्रबंधक,स्वामी जित्वानंद एवं स्वामी रामस्वरूप ब्रह्मचारी उपाध्यक्ष, महंत ज्ञानानंद गोस्वामी सचिव, महंत कृष्णानंद महाराज उप सचिव बनाए गए। अब पूर्व अध्यक्ष के सेवक के रूप में कार्यरत रहे सच्चिदानंद स्वयंभू समिति गठित कर आश्रम में कब्जा करना चाहता है। उसके कुकृत्यों से परेशान होकर ही उसे 2013 में आश्रम से बाहर निकाल दिया था। वह नियमों के विरुद्ध अपनी पत्नी को आश्रम के कमरे में लाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह व्यक्ति कुछ लोगों के साथ मिलकर आश्रम की संपत्ति खुर्दबुर्द करने के प्रयास में लगा है। जिसकी शिकायत पुलिस प्रशासन से भी कर दी गई है। प्रेसवार्ता में महंत रामप्रिय गोस्वामी, महंत मिथलेस गोस्वामी, महंत चंद्रभान गोस्वामी, महंत कृष्णानंद गोस्वामी, नरसिंह गोस्वामी, ज्ञानस्वरूप, संत परमानंद गोस्वामी आदि शामिल हुए।
हरिद्वार।
अखाड़ा आश्रमों के विवाद में अब एक और मामला श्री भगवान धाम कबीर आश्रम धर्मशाला ट्रस्ट भूपतवाला में सामने आया है। ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत गुरु प्रसाद गोस्वामी ने आश्रम में रह रहे एक गृहस्थ कथित संत पर आश्रम की संपत्ति खुर्द बुर्द करने का आरोप लगाया। हालांकि संत प्रेस क्लब में सात अगस्त को प्रेस वार्ता कर पहले ही दूसरे पक्ष पर यही आरोप लगा चुका है।
प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता में ट्रस्ट के देशभर के ट्रस्टी शामिल हुए। वार्ता में श्री भगवान धाम कबीर आश्रम धर्मशाला ट्रस्ट भूपतवाला के अध्यक्ष गुरु प्रसाद गोस्वामी ने आश्रम और ट्रस्ट का इतिहास बताते हुए कहा कि इसी साल 30 अप्रैल को आश्रम के अध्यक्ष महंत रामरूप की मृत्यु के बाद सभी ट्रस्टियों ने एकमत होकर गठित नई समिति का उन्हें अध्यक्ष बनाया। साथ ही महंत प्रकाशानंद प्रबंधक,स्वामी जित्वानंद एवं स्वामी रामस्वरूप ब्रह्मचारी उपाध्यक्ष, महंत ज्ञानानंद गोस्वामी सचिव, महंत कृष्णानंद महाराज उप सचिव बनाए गए। अब पूर्व अध्यक्ष के सेवक के रूप में कार्यरत रहे सच्चिदानंद स्वयंभू समिति गठित कर आश्रम में कब्जा करना चाहता है। उसके कुकृत्यों से परेशान होकर ही उसे 2013 में आश्रम से बाहर निकाल दिया था। वह नियमों के विरुद्ध अपनी पत्नी को आश्रम के कमरे में लाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह व्यक्ति कुछ लोगों के साथ मिलकर आश्रम की संपत्ति खुर्दबुर्द करने के प्रयास में लगा है। जिसकी शिकायत पुलिस प्रशासन से भी कर दी गई है। प्रेसवार्ता में महंत रामप्रिय गोस्वामी, महंत मिथलेस गोस्वामी, महंत चंद्रभान गोस्वामी, महंत कृष्णानंद गोस्वामी, नरसिंह गोस्वामी, ज्ञानस्वरूप, संत परमानंद गोस्वामी आदि शामिल हुए।
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