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संस्कृत के संरक्षण और संवद्र्धन को आगे आए लोग
Updated Sat, 05 Aug 2017 10:48 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
संस्कृत भारती उत्तरांचल की ओर से संस्कृत के प्रचार- प्रसार एवं संवर्द्धन के लिए आयोजित संस्कृत सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर व्याकरण एवं साहित्य की विशिष्ट कक्षाएं शुरू की गईं।
संस्कृत सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर गुरुकुल कांगडी विश्वविद्यालय के वेद विभाग के आचार्य प्रो. मनुदेव बंधु ने कहा कि वेद और संस्कृत के ग्रंथ विश्व के लिए वरदान हैं। कहा कि सभी लोगों को संस्कृत के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए आगे आना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जयभारत साधु महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डा. देवीप्रसाद उनियाल ने संस्कृत को राष्ट्रीय एकता के सूत्र में बांधने वाली बताया। विशिष्ट अतिथि गुरुकुल कांगडी विश्वविद्यालय के श्रद्धानन्द वैदिक शोध संस्थान के अध्यक्ष प्रो. सत्यदेव निगमालंकार ने कहा कि संस्कृत ज्ञान विज्ञान और संस्कार को देने वाली भाषा है। कार्यक्रम संयोजक डा. हरीशचंद्र गुरुरानी ने बताया कि तीन दिन शाम 5:30 से 7:00 बजे तक विशिष्ट व्याकरण एवं तीन दिन तक साहित्य कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। इन कक्षाओं के समापन पर संस्कृत शोभा यात्रा आयोजित होगी। इस मौके पर डा. प्रेमचंद शास्त्री, डा. निरंजन मिश्र, डा. शैलेश तिवारी आदि ने भी विचार रखे। संचालन विशाल भट्ट ने किया तथा वैदिक मंगलारण जगदीश जोशी ने व संस्कृत गीत राजेश पोखरिया ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में डा. निरंजन मिश्र, डा. शैलेश तिवारी, डा. वाणीभूषण भट्ट, डा. प्रकाशचंद्र जोशी, डा. सर्वेश तिवारी, मनीक्षी, केशवदत्त बलियानी, भगवती प्रसाद देवराडी, संतोष पोखरियाल, कमल उपाध्याय, मोहित तिवारी, गिरीश बहुगुणा, ब्रह्मरात हरितोष उपस्थित रहे।
व्याकरण विषय में हुआ व्याख्यान
हरिद्वार। श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में संस्कृत सप्ताह के दूसरे दिन अतिथियों ने व्याकरण के विषयों पर व्याख्यान किया। व्याकरण विभाग के प्राध्यापक डा. दीपक कोठारी ने कहा कि संस्कृत व्याकरण विश्व का श्रेष्ठतम व सर्वोत्कृष्ट व्याकरण है। पाणिनी के व्याकरण से ही संस्कृत भाषा की वैज्ञानिकता है। पाणिनि का व्याकरण वैज्ञानिक व कंप्यूटर के लिए अत्यंत सरलता से ग्राहय है। इस मौके पर सहाचार्य डा. निरंजन मिश्र ने किया। कार्यक्रम का संचालन डा. मंजुनाथ एस ने किया। कार्यक्रम में बृजेंद्र कुमार सिंहदेव, डा. रविंद्र कुमार, डा. संयोगिता, मनोज कुमार, नरेश कुमार, गौरव असवाल आदि उपस्थित रहे।
हरिद्वार।
संस्कृत भारती उत्तरांचल की ओर से संस्कृत के प्रचार- प्रसार एवं संवर्द्धन के लिए आयोजित संस्कृत सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर व्याकरण एवं साहित्य की विशिष्ट कक्षाएं शुरू की गईं।
संस्कृत सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर गुरुकुल कांगडी विश्वविद्यालय के वेद विभाग के आचार्य प्रो. मनुदेव बंधु ने कहा कि वेद और संस्कृत के ग्रंथ विश्व के लिए वरदान हैं। कहा कि सभी लोगों को संस्कृत के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए आगे आना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जयभारत साधु महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डा. देवीप्रसाद उनियाल ने संस्कृत को राष्ट्रीय एकता के सूत्र में बांधने वाली बताया। विशिष्ट अतिथि गुरुकुल कांगडी विश्वविद्यालय के श्रद्धानन्द वैदिक शोध संस्थान के अध्यक्ष प्रो. सत्यदेव निगमालंकार ने कहा कि संस्कृत ज्ञान विज्ञान और संस्कार को देने वाली भाषा है। कार्यक्रम संयोजक डा. हरीशचंद्र गुरुरानी ने बताया कि तीन दिन शाम 5:30 से 7:00 बजे तक विशिष्ट व्याकरण एवं तीन दिन तक साहित्य कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। इन कक्षाओं के समापन पर संस्कृत शोभा यात्रा आयोजित होगी। इस मौके पर डा. प्रेमचंद शास्त्री, डा. निरंजन मिश्र, डा. शैलेश तिवारी आदि ने भी विचार रखे। संचालन विशाल भट्ट ने किया तथा वैदिक मंगलारण जगदीश जोशी ने व संस्कृत गीत राजेश पोखरिया ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में डा. निरंजन मिश्र, डा. शैलेश तिवारी, डा. वाणीभूषण भट्ट, डा. प्रकाशचंद्र जोशी, डा. सर्वेश तिवारी, मनीक्षी, केशवदत्त बलियानी, भगवती प्रसाद देवराडी, संतोष पोखरियाल, कमल उपाध्याय, मोहित तिवारी, गिरीश बहुगुणा, ब्रह्मरात हरितोष उपस्थित रहे।
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व्याकरण विषय में हुआ व्याख्यान
हरिद्वार। श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में संस्कृत सप्ताह के दूसरे दिन अतिथियों ने व्याकरण के विषयों पर व्याख्यान किया। व्याकरण विभाग के प्राध्यापक डा. दीपक कोठारी ने कहा कि संस्कृत व्याकरण विश्व का श्रेष्ठतम व सर्वोत्कृष्ट व्याकरण है। पाणिनी के व्याकरण से ही संस्कृत भाषा की वैज्ञानिकता है। पाणिनि का व्याकरण वैज्ञानिक व कंप्यूटर के लिए अत्यंत सरलता से ग्राहय है। इस मौके पर सहाचार्य डा. निरंजन मिश्र ने किया। कार्यक्रम का संचालन डा. मंजुनाथ एस ने किया। कार्यक्रम में बृजेंद्र कुमार सिंहदेव, डा. रविंद्र कुमार, डा. संयोगिता, मनोज कुमार, नरेश कुमार, गौरव असवाल आदि उपस्थित रहे।
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