{"_id":"59834f324f1c1ba5778b471d","slug":"15017778064-shrinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एमसीआई टीम का पीजी मान्यता के लिए निरीक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एमसीआई टीम का पीजी मान्यता के लिए निरीक्षण
Updated Thu, 03 Aug 2017 09:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में छह विषयों में पीजी मान्यता के लिए एमसीआई (भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद) की 6 सदस्यीय टीम ने निरीक्षण किया। टीम ने कॉलेज के विभिन्न विभागों सहित बेस अस्पताल मेें आवश्यक जानकारियां जुटाई।
श्रीनगर मेडिकल कॉलेज ने 14 विभागों में पीजी (एमडी/एमएस) के लिए आवेदन किया है। एमसीआई की 6 सदस्यीय टीम अचानक छह विषयों (फार्माकोलॉजी, बायोकैमेस्ट्री, फीजियोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, कम्युनिटी मेडिसिन, पैथोलॉजी) का पीजी निरीक्षण करने पहुंच गई। बृहस्पतिवार को फार्माकोलॉजी, बायोकैमेस्ट्री और कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष विभिन्न वजहों से कॉलेज में उपस्थित नहीं थे। ऐसे में उक्त विभागों में सहायक प्रोफेसरों ने टीम को निरीक्षण करवाया। जबकि फीजियोलॉजी व माइक्रोबायोलॉजी विभागों में प्रोफेसर पद रिक्त हैं। एकमात्र पैथोलॉजी में विभाग में ही पूरी फैकल्टी है। टीम ने विभागों में जाकर जानकारियां जुटाईं। उन्होंने विभागों में उपलब्ध संसाधनों की स्थिति के बारे में भी जाना। टीम में प्रो. के इंदिरा (फार्माकोलॉजी), प्रो. संतोष जी वर्मा (बायोकैमेस्ट्री), प्रो. आरआर मोहंती(फीजियोलॉजी), प्रो. एमएम वेगाड (माइक्रोबायोलॉजी), प्रो. चितरंजन रॉय (कम्युनिटी मेडिसिन) और डा. स्वाति पाठक (पैथोलॉजी) शामिल थे।
कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएमएस रावत ने बताया कि टीम को सारी जानकारियां उपलब्ध करायी गईं। उन्होंने सकारात्मक परिणाम की उम्मीद की है। वहीं पूर्व में आई टीम ने पीजी मान्यता मिलने में कालेज में फैकल्टी में 25.47 फीसदी कमी, रेजीेडेंट चिकित्सकों की कमी 31.34 फीसदी, अस्पताल की ओपीडी में बहुत ही कम, अस्पताल की बेड ऑक्यूपेंसी 51 फीसदी सहित विभिन्न दिक्कते बताई थी। इन्हें सुधारने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कमियां अभी भी बरकरार है।
विज्ञापन
विज्ञापन
श्रीनगर मेडिकल कॉलेज ने 14 विभागों में पीजी (एमडी/एमएस) के लिए आवेदन किया है। एमसीआई की 6 सदस्यीय टीम अचानक छह विषयों (फार्माकोलॉजी, बायोकैमेस्ट्री, फीजियोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, कम्युनिटी मेडिसिन, पैथोलॉजी) का पीजी निरीक्षण करने पहुंच गई। बृहस्पतिवार को फार्माकोलॉजी, बायोकैमेस्ट्री और कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष विभिन्न वजहों से कॉलेज में उपस्थित नहीं थे। ऐसे में उक्त विभागों में सहायक प्रोफेसरों ने टीम को निरीक्षण करवाया। जबकि फीजियोलॉजी व माइक्रोबायोलॉजी विभागों में प्रोफेसर पद रिक्त हैं। एकमात्र पैथोलॉजी में विभाग में ही पूरी फैकल्टी है। टीम ने विभागों में जाकर जानकारियां जुटाईं। उन्होंने विभागों में उपलब्ध संसाधनों की स्थिति के बारे में भी जाना। टीम में प्रो. के इंदिरा (फार्माकोलॉजी), प्रो. संतोष जी वर्मा (बायोकैमेस्ट्री), प्रो. आरआर मोहंती(फीजियोलॉजी), प्रो. एमएम वेगाड (माइक्रोबायोलॉजी), प्रो. चितरंजन रॉय (कम्युनिटी मेडिसिन) और डा. स्वाति पाठक (पैथोलॉजी) शामिल थे।
विज्ञापन
कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएमएस रावत ने बताया कि टीम को सारी जानकारियां उपलब्ध करायी गईं। उन्होंने सकारात्मक परिणाम की उम्मीद की है। वहीं पूर्व में आई टीम ने पीजी मान्यता मिलने में कालेज में फैकल्टी में 25.47 फीसदी कमी, रेजीेडेंट चिकित्सकों की कमी 31.34 फीसदी, अस्पताल की ओपीडी में बहुत ही कम, अस्पताल की बेड ऑक्यूपेंसी 51 फीसदी सहित विभिन्न दिक्कते बताई थी। इन्हें सुधारने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कमियां अभी भी बरकरार है।
विज्ञापन