फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   शर्म की बात है कि पढ़े लिखों के घरों में पनप रहा लार्वा

शर्म की बात है कि पढ़े लिखों के घरों में पनप रहा लार्वा

Mon, 31 Jul 2017 10:43 PM IST
Updated Mon, 31 Jul 2017 10:43 PM IST
विज्ञापन
शर्म की बात है कि पढ़े लिखों के घरों में पनप रहा लार्वा

विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
शहर में करीब चार महीने डेंगू का प्रकोप झेलना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग के साथ राज्य सरकार की ओर से डेंगू के प्रति जागरूक करने के बाद भी डेंगू के मरीजों के मामले आ रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि शहर के पढ़े लिखे और अच्छे ओहदों पर काम करने वाले लोगों के घरों में डेंगू का लार्वा पनपा हुआ मिला है।
जिला मलेरिया विभाग ने डेंगू के मरीजों के आने पर शहर में जगह-जगह लार्वा ढूंढने का काम किया। जिसमें कनखल की पॉश कालोनियों में डेंगू का लार्वा मिला। कनखल के कई रिहायशी कोठियों में बने झरने, स्वीमिंग पूल के साथ घरों में रखे गमलों में भी डेंगू का लार्वा मिला है। जिला मलेरिया अधिकारी गुरनाम सिंह ने बताया कि शिवालिक नगर और बीएचईएल सेक्टर दो में भी यही हाल मिला। सोमवार को इन दोनों कालोनियों में जिस घर में भी टीम लार्वा ढूंढने गई, उसी में लार्वा मिला है। कालोनियों के पॉश घरों में डेंगू का लार्वा मिला। घरों में जमा पानी को खाली कराया गया। कपड़े धोने की मशीन, कूलर, फ्रीज, एसी में लार्वा पनपते हुए मिला।
विज्ञापन

वर्ष 2013 से डेंगू के एक हजार से अधिक मामले आने और कई मरीजों की मौत होने के बाद डेंगू को लेकर बड़ा प्रचार प्रसार हुआ। पिछले चार सालों में प्रत्येक जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्तूबर और नवंबर महीने में डेंगू के मरीज आने पर लोगों को प्रचार के समस्त माध्यमों से जागरूक किया जाता है। लेकिन फिर भी शहर के साथ देहात क्षेत्रों में भी लार्वा पनपने के मामले आ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


डेंगू से बचाव के लिए यह करें
- अपने मकान के आस पास पानी जमा न होने दे।
- गमले, कूलर-फ्रीज व बरतनों का पानी बदलते रहे।
- पानी जमा होने वाले स्थानों पर पेट्रोल व कैरोसिन डाले।
- गड्ढ़ों को मिट्टी से भर दे व नाली बहती रहे।
- फूल बाजू के कपड़े व जूते व मौजे पहनकर रखे।
- रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- मकान के गेट व खिड़कियों पर महीन जाली लगाकर मच्छर न आने दे।
- आर्गेनोफास्फेट या पाइरेथाइराड इंसेक्टेसाइड का छिड़काव करें।
- संभावना होने पर सिर्फ पैरासिटामोल ही ले एवं चिकित्सक के पास जाए।
डेंगू के लक्षण
- शरीर के जोड़ों में एवं माथे में तेज दर्द।
- ठंड के साथ तेज बुखार चढ़ना।
- सिर मासपेशियों तथा जोड़ों में तेज दर्ज।
- अत्यधिक कमजोरी व भूख कम तलगना।
- शरीर में सूजन, ब्लड प्रेशर कम होना और जी मिचलाना
- मुंह का स्वाद खराब होना।
- गले में दर्द व जुकाम लग जाना।
- चेहरे, गर्दन व छाती में दाने व चकते पड़ना।

वर्जन
अब घरों में फॉगिंग कराने का काम शीघ्र शुरू होगा। डेंगू का लार्वा शहर में पनप चुका है। सबसे खतरनाक बात यह है कि पढ़े लिखे समझदार लोगों के घरों में डेंगू का लार्वा पनपा हुआ मिल रहा है। जिसे नष्ट कराते हुए लोगों को जागरूक किया है। यदि लोग नहीं सभलें तो आगामी दिनों में खतरनाक स्थिति होगी।
डा. गुरनाम सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed