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मेहनत और सब्र से ही मिलती है सफलता: अतिया परवेज
Updated Sat, 29 Jul 2017 10:54 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
ज्वालापुर के अहबाबनगर की रहने वाली अतिया परवेज पीसीएस की परीक्षा उत्तीर्ण करते हुए बीडीओ बनी है। उन्होंने अपनी सफलता के लिए परिजनों के साथ गुरुजनों को श्रेय दिया है। उनका कहना है कि मेहनत और सब्र से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। इससे पहले आतिया जल विद्युत निगम में एसडीओ पद पर कार्यरत रही हैं।
ज्वालापुर के अहबाबनगर के निवासी अतिया परवेज के पिता मौ. इकबाल बीएचईएल से रिटायर्ड हैं। उनकी माता स्वेलहा शराफत सरकारी स्कूल में अध्यापिका हैं। अतिया के भाई भी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में कार्यरत हैं। आतिया ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग से बीटेक किया। इसके बाद वह जल विद्युत निगम में एसडीओ बन गई। आतिया ने प्रथम टर्म में पीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण करते हुए अपनी काबलियत का लोहा मनवा दिया। बीडीओ में उनका 22वां नंबर आया है। उन्होंने बताया कि इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के बारे में सवाल पूछा गया था। इसके अलावा उत्तराखंड की महिलाओं की स्थिति के बारे में भी सवाल किए गए। उन्होंने बताया कि पीसीएस परीक्षा का नया पैटर्न स्टूडेंटस के लिए अच्छा है। खासतौर पर तकनीकी बैकग्राउंड वाले स्टूडेंटस के लिए लाभदायक है। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं को समाज के जरूरतमंद तबके तक ले जाना उनका लक्ष्य होगा। साथ ही भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए वे तकनीक का सहारा लेंगी। इस दौरान उनके घर बधाई देने वालों का तांता लग गया। इनमें महमूद अहमद, जोया, हीना, सबिया और बुशरा खान आदि शामिल रहे।
हरिद्वार।
ज्वालापुर के अहबाबनगर की रहने वाली अतिया परवेज पीसीएस की परीक्षा उत्तीर्ण करते हुए बीडीओ बनी है। उन्होंने अपनी सफलता के लिए परिजनों के साथ गुरुजनों को श्रेय दिया है। उनका कहना है कि मेहनत और सब्र से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। इससे पहले आतिया जल विद्युत निगम में एसडीओ पद पर कार्यरत रही हैं।
ज्वालापुर के अहबाबनगर के निवासी अतिया परवेज के पिता मौ. इकबाल बीएचईएल से रिटायर्ड हैं। उनकी माता स्वेलहा शराफत सरकारी स्कूल में अध्यापिका हैं। अतिया के भाई भी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में कार्यरत हैं। आतिया ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग से बीटेक किया। इसके बाद वह जल विद्युत निगम में एसडीओ बन गई। आतिया ने प्रथम टर्म में पीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण करते हुए अपनी काबलियत का लोहा मनवा दिया। बीडीओ में उनका 22वां नंबर आया है। उन्होंने बताया कि इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के बारे में सवाल पूछा गया था। इसके अलावा उत्तराखंड की महिलाओं की स्थिति के बारे में भी सवाल किए गए। उन्होंने बताया कि पीसीएस परीक्षा का नया पैटर्न स्टूडेंटस के लिए अच्छा है। खासतौर पर तकनीकी बैकग्राउंड वाले स्टूडेंटस के लिए लाभदायक है। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं को समाज के जरूरतमंद तबके तक ले जाना उनका लक्ष्य होगा। साथ ही भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए वे तकनीक का सहारा लेंगी। इस दौरान उनके घर बधाई देने वालों का तांता लग गया। इनमें महमूद अहमद, जोया, हीना, सबिया और बुशरा खान आदि शामिल रहे।
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