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ग्राम सभा में नहीं पंचायत घर, स्कूल में करनी पड़ रही बैठक
Updated Mon, 24 Jul 2017 10:06 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
श्यामपुर।
सजनपुर पीली गांव के ग्रामीण 20 वर्षों से पंचायत घर बनवाने का सपना देख रहे हैं। पंचायत की खुली बैठक राजकीय प्राथमिक विद्यालय में कमरा खाली कराने के बाद करनी पड़ती है। इससे ग्रामीणों को प्रमाणपत्र बनवाने के लिए भी परेशानी उठानी पड़ती है।
बहादराबाद ब्लाक के ग्राम पंचायत सजनपुर पीली गांव के ग्रामीणों 20 वर्षों से पंचायत घर बनवाने के लिए तरस रहे हैं। कई जनप्रतिनिधियों ने भी पंचायत घर बनवाने के लिए प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं। पूर्व प्रधान सत्यप्रकाश का कहना है कि उन्होंने पांच वर्षों के कार्यकाल में सजनपुर पीली गांव में कई बार जिला प्रशासन को पंचायत घर बनवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिए गए हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। सजनपुर पीली की ग्राम प्रधान मेनका रानी कहना है कि प्रधान व ग्राम पंचायत विकासअधिकारी के लिए सजनपुर पीली गांव में कोई भी सरकारी कार्यालय नहीं बना हुआ है। जिससे ग्रामीणों की समस्या व ग्रामीणों के कार्य करने के बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव की खुली बैठक से पहले प्रधानाध्यापक से परमिशन लेनी पड़ती है, वही विद्यालय के अंदर पांच कमरे हैं। जिसमें पांचवीं कक्षा के बच्चों को चौथी क्लास के बच्चों के साथ शिफ्ट कराकर कमरा खाली कराकर बैठक करानी पड़ती है। इस समस्या को देखते हुए उन्होंने पंचायती राज अधिकारी को खुली बैठक का प्रस्ताव बनाकर पंचायत घर बनाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया है। उसके बाद भी कोई अधिकारी सुध नहीं ले रहा है। युवा मंगल दल के अध्यक्ष सुनील पाल, उप प्रधान हुसैन बीबी, शैलेंद्र कुमार, जुम्मन अली, सतीश ,धर्मवीर, कौशल देवी, उषा देवी, मुनेशपाल, ओम प्रकाश, मोहन सैनी, गजेंद्र पाल, मगन पाल, मनोहर आदि लोगों का कहना है कि वह 20 वर्षों से सजनपुर पीली गांव मे पंचायत घर बनने का सपना देख रहे हैं। उनका सपना अभी तक हकीकत में नहीं बदला है।
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ग्राम पंचायत विकास अधिकारी से राशन कार्ड, परिवार रजिस्टर की नकल जन्म मृत्यु व पंचायत के सरकारी कार्य कराने के लिए गांव में इधर-उधर भटकना पड़ता है। गांव में पंचायत घर ना होने के कारण ग्रामीणों को पता ही नहीं चल पाता किग्राम पंचायत विकास अधिकारी गांव में कब आते हैं और कहां पर उनका बैठने का व्यवस्था है। अगर जल्दी से जल्दी गांव में पंचायत घर नहीं बनवाया जाता तो वह पंचायती राज कार्यालय पर तालाबंदी करेंगे।
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