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उद्यान और कृषि विभाग के एकीकरण के विरोध में सड़क पर उतरे कर्मी
Updated Tue, 18 Jul 2017 10:15 PM IST
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गोपेश्वर/रुद्रप्रयाग। उद्यान और कृषि विभाग के एकीकरण के विरोध में जिले के उद्यान व खाद्य प्रसंस्करण (कृषि विभाग) के कर्मचारियों ने जुलूस निकाला और कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। दोनों विभागों के कर्मचारियों ने सरकार के इस निर्णय का पुरजोर विरोध किया। कहा गया यदि सरकार ने अपना निर्णय नहीं बदला तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस मौके पर सीएम और उद्यान मंत्री को ज्ञापन भी भेजा।
संयुक्त उद्यान कार्मिक मोर्चा के तहत उद्यान और खाद्य प्रसंस्करण के कर्मचारी जुलूस के साथ कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और धरना दिया। संयुक्त उद्यान कार्मिक मोर्चे के मुख्य संयोजक धाराजीत सिंह, डीपी डंगवाल, कुलदीप सजवाण और आरसी कन्याल ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद से उद्यान और खाद्य प्रसंस्करण विभाग को सरकार की ओर से एक प्रयोगशाला के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे विभागीय ढांचे को क्षति पहुंच रही है। कहा गया कि दोनों विभागों का एकीकरण किया गया तो इसका काश्तकारों के साथ ही अधिकारी-कर्मचारियों को भी नुकसान झेलना पड़ेगा। इस मौके पर सीपी चमोली, दयाल सिंह भंडारी, डीसी चमोला, सोमेश कंडारी, सुभाष खाली, हरीश चंद्र सती, हीराबल्लभ, आरसी जोशी, डीएस कांडपाल, सोहन लाल, मनवर पुंडीर, भूपेंद्र नेगी, मुकेश भट्ट और अर्जुन नेगी आदि मौजूद थे।
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वहीं रुद्रप्रयाग में कृषि विभाग और उद्यान विभाग के एकीकरण के विरोध में कर्मचारियों ने विकास भवन में धरना दिया। कहा कि विभागों के विलय होने से काश्तकारों को पृथक जानकारियां नहीं मिल पाएंगी। कर्मियों ने एकीकरण के बजाय सरकार को हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर औद्यानिकी को बढ़ावा देने की मांग की। इस मौके पर डीएस नेगी, पीएस रौथाण, एनके, बीएस राणा, एमएस रावत, जगदीश टम्टा, अशोक, बीरेंद्र भट्ट, एमएस राणा आदि थे।
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