{"_id":"596a4d1a4f1c1b2c598b477e","slug":"15001388451-karnpryag-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सूपलीगाड़ की लकड़ी की पुलिया बहने से दो ग्राम पंचायतों का संपर्क कटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सूपलीगाड़ की लकड़ी की पुलिया बहने से दो ग्राम पंचायतों का संपर्क कटा
Updated Sat, 15 Jul 2017 10:42 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
देवाल। कैल नदी के सूपलीगाड़ में लकड़ी की पुलिया बहने से बलाड़ तथा पिनाउ ग्राम पंचायत का संपर्क देवाल मुख्यालय से कट गया है। ब्लाक प्रमुख ने डीएम को पत्र लिखकर यहां लगी हाइड्रॉलिक ट्राली चालू करने की मांग की।
वर्ष 2013 की आपदा से सूपलीगाड़ का झूला पूल बह गया था। तब आवागमन के लिए लोक निर्माण विभाग ने यहां हस्तचालित ट्राली लगाई। एक साल पहले यहां हाइड्रालिक ट्राली लगाई गई, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण दोनों ट्रालियां ठप पड़ी हैं। ऐसे में लोगों ने कैल नदी पर वैकल्पिक लकड़ी की पुलिया बनाकर आवागमन शुरू किया, लेकिन तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से कैल नदी उफान पर आ गई और यहां बनी लकड़ी की पुलिया बह गई। इससे बलाण और पिनाऊं गांव का संपर्क देवाल मुख्यालय से कट गया है। ग्रामीणों ने जल्द मामले में कार्रवाई कर ट्रालियों को दुरुस्त करने की मांग की। लोनिवि के ईई एसके पांडे ने बताया कि हस्तचालित ट्राली की रस्सी कटी है। रस्सी मंगा दी गई है और इसे जल्द लगा दिया जाएगा। 30 जुलाई तक हाईड्रालिक ट्राली को भी शुरू कर दिया जाएगा।
वर्ष 2013 की आपदा से सूपलीगाड़ का झूला पूल बह गया था। तब आवागमन के लिए लोक निर्माण विभाग ने यहां हस्तचालित ट्राली लगाई। एक साल पहले यहां हाइड्रालिक ट्राली लगाई गई, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण दोनों ट्रालियां ठप पड़ी हैं। ऐसे में लोगों ने कैल नदी पर वैकल्पिक लकड़ी की पुलिया बनाकर आवागमन शुरू किया, लेकिन तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से कैल नदी उफान पर आ गई और यहां बनी लकड़ी की पुलिया बह गई। इससे बलाण और पिनाऊं गांव का संपर्क देवाल मुख्यालय से कट गया है। ग्रामीणों ने जल्द मामले में कार्रवाई कर ट्रालियों को दुरुस्त करने की मांग की। लोनिवि के ईई एसके पांडे ने बताया कि हस्तचालित ट्राली की रस्सी कटी है। रस्सी मंगा दी गई है और इसे जल्द लगा दिया जाएगा। 30 जुलाई तक हाईड्रालिक ट्राली को भी शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन