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खबर का असर: चौकीदार और बेलदार का कब्जा नहीं हटाने पर स्पष्टीकरण तलब किया
Updated Wed, 12 Jul 2017 10:47 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
नगर आयुक्त अशोक कुमार ने पीबी म्युनिस्पिल इंटर कालेज परिसर में सेवानिवृत्त एक चौकीदार के कब्जे और डेयरी खोलकर गंदगी फैलाने के मामले में अब नगर निगम ने संज्ञान लिया है। ऐसे ही हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी नगर निगम के बेलदार द्वारा निगम की लाखों रुपये की जमीन खाली नहीं कराने को भी गंभीरता से लिया है। दोनों मामलों में प्रभारी अधिशासी अभियंता से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जबकि इन्हें नो ड्यूज प्रमाण पत्र देने वाले कर्मचारियों पर भी गाज गिरने तय है।
अमर उजाला में प्रकाशित समाचार का संज्ञान लेते हुए नगर आयुक्त एवं कालेज प्रबंधक अशोक पांडेय ने प्रभारी अधिशासी अभियंता का स्पष्टीकरण तलब किया है। उन्हें एक सप्ताह के अंदर अवैध निर्माण ध्वस्त कराने तथा बेलदार को भूमि से बेदखल कराने का निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही नो ड्यूज का प्रमाण-पत्र देने वाले नगर निगम के एक कर्मचारी पर भी गाज गिर सकती है। नगर आयुक्त अशोक कुमार ने बताया कि फाइल देखने से पता चला है कि पीबी म्युनिस्पिल इंटर कालेज का चौकीदार दिसंबर 2015 में सेवानिवृत्त हो चुका था। उसने कालेज में आवंटित आवास अभी तक खाली नहीं किया है। साथ ही वहां डेयरी खोल रखी है। चौकीदार ने आवंटित आवास का भी विस्तार कर अवैध रूप से दोमंजिला निर्माण करा दिया है। इसके साथ ही सेवारत बेलदार ने टिबड़ी नगर निगम की भूमि पर कब्जा कर रखा है, जिसमें से लाखों रुपये की जमीन उसने बेच भी दी। पत्रावली का अवलोकन करने से पता चला कि हाईकोर्ट ने भी नगर निगम की भूमि खाली कराने का आदेश दे रखा है। इसके बाद भी उसका कब्जा नहीं हटाया गया है। नगर आयुक्त अशोक कुमार ने हैरानी व्यक्त की कि अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई करने के बजाए नगर निगम के कर्मचारी ने उसको नो ड्यूज का प्रमाण-पत्र दे दिया है जो एक गंभीर मामला है। संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रभारी अधिशासी अभियंता का दोनों प्रकरणों में स्पष्टीकरण तलब करने के साथ ही चौकीदार का अवैध निर्माण ध्वस्त कराने, डेयरी हटाने और बेलदार को जमीन से एक सप्ताह के अंदर बेदखल कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। उनके विरुद्ध पुलिस थाने एफआईआर दर्ज कराने पर भी विचार किया जा रहा है।
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हरिद्वार।
नगर आयुक्त अशोक कुमार ने पीबी म्युनिस्पिल इंटर कालेज परिसर में सेवानिवृत्त एक चौकीदार के कब्जे और डेयरी खोलकर गंदगी फैलाने के मामले में अब नगर निगम ने संज्ञान लिया है। ऐसे ही हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी नगर निगम के बेलदार द्वारा निगम की लाखों रुपये की जमीन खाली नहीं कराने को भी गंभीरता से लिया है। दोनों मामलों में प्रभारी अधिशासी अभियंता से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जबकि इन्हें नो ड्यूज प्रमाण पत्र देने वाले कर्मचारियों पर भी गाज गिरने तय है।
अमर उजाला में प्रकाशित समाचार का संज्ञान लेते हुए नगर आयुक्त एवं कालेज प्रबंधक अशोक पांडेय ने प्रभारी अधिशासी अभियंता का स्पष्टीकरण तलब किया है। उन्हें एक सप्ताह के अंदर अवैध निर्माण ध्वस्त कराने तथा बेलदार को भूमि से बेदखल कराने का निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही नो ड्यूज का प्रमाण-पत्र देने वाले नगर निगम के एक कर्मचारी पर भी गाज गिर सकती है। नगर आयुक्त अशोक कुमार ने बताया कि फाइल देखने से पता चला है कि पीबी म्युनिस्पिल इंटर कालेज का चौकीदार दिसंबर 2015 में सेवानिवृत्त हो चुका था। उसने कालेज में आवंटित आवास अभी तक खाली नहीं किया है। साथ ही वहां डेयरी खोल रखी है। चौकीदार ने आवंटित आवास का भी विस्तार कर अवैध रूप से दोमंजिला निर्माण करा दिया है। इसके साथ ही सेवारत बेलदार ने टिबड़ी नगर निगम की भूमि पर कब्जा कर रखा है, जिसमें से लाखों रुपये की जमीन उसने बेच भी दी। पत्रावली का अवलोकन करने से पता चला कि हाईकोर्ट ने भी नगर निगम की भूमि खाली कराने का आदेश दे रखा है। इसके बाद भी उसका कब्जा नहीं हटाया गया है। नगर आयुक्त अशोक कुमार ने हैरानी व्यक्त की कि अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई करने के बजाए नगर निगम के कर्मचारी ने उसको नो ड्यूज का प्रमाण-पत्र दे दिया है जो एक गंभीर मामला है। संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रभारी अधिशासी अभियंता का दोनों प्रकरणों में स्पष्टीकरण तलब करने के साथ ही चौकीदार का अवैध निर्माण ध्वस्त कराने, डेयरी हटाने और बेलदार को जमीन से एक सप्ताह के अंदर बेदखल कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। उनके विरुद्ध पुलिस थाने एफआईआर दर्ज कराने पर भी विचार किया जा रहा है।
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