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सरकार जनभावनाओं का सम्मान करें, जनता पर न थोपे नगर निगम
Updated Wed, 14 Jun 2017 10:27 PM IST
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जनता पर नगर निगम न थोपे सरकार
अमर उजाला ब्यूरो
कोटद्वार। उत्तराखंड आंदोलनकारी जन मोर्चा ने सनेह पट्टी में जन पंचायत का आयोजन कर सरकार के प्रस्तावित नगर निगम के प्रस्ताव का विरोध किया। चेताया कि सरकार ग्रामीणों पर नगर निगम न थोपे और जनभावनाओं का सम्मान करे। कहा कि सरकार नगर निगम के बजाय ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करे तो बेहतर होगा। वन सीमा से सटे गांव वन्यजीवों से परेशान हैं। जनता कोटद्वार-कालागढ़-रामनगर मोटर मार्ग और चिलरखाल-लालढांग मार्ग के डामरीकरण की मांग करती आ रही है।
जन पंचायत को संबोधित करते हुए उत्तराखंड आंदोलनकारी जन मोर्चा के अध्यक्ष डा. शक्तिशैल कपरवाण ने कहा कि आम जनता नगर निगम के विरोध में है। ऐसे में ग्रामीणों पर नगर निगम नहीं थोपा जाना चाहिए। कहा कि ग्रामीणों की भावनाओं के विपरीत यदि सरकार ने उन पर नगर निगम थोपा तो इसका सड़कों पर उतरकर विरोध किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो ग्राम पंचायतों के वजूद की रक्षा के लिए गांव बचाओ आंदोलन चलाया जाएगा। कहा कि जल, जंगल और जमीन के कठोर कानूनों के कारण पहाड़ से पलायन हो रहा है। सरकार कोटद्वार क्षेत्र के गांवों की बुनियादी समस्याओं को हल करने से भाग रही है। इसके लिए नगर निगम का शिगूफा फेंक दिया गया है।
जनमोर्चा के जिलाध्यक्ष प्रवेंद्र सिंह रावत ने सिद्धबली से सनेह तक के गांवों में हाथियों का उत्पात रोकने के लिए दीवार का निर्माण करने की मांग उठाई। कोटड़ीढांग के प्रधान विजयराम आर्य ने कहा कि सनेह पट्टी के गांवों को निगम में शामिल करने के विरोध में आंदोलन किया जाएगा। जन पंचायत में अनुसूया प्रसाद सेमवाल, राजेंद्र ढौंडियाल, विनोद भंडारी, बचन सिंह पुंडीर, मुकेश देवरानी, नत्थू सिंह अधिकारी, संजय कुमार पंथवाल, सुखवीर सैनी, हरेंद्र सिंह रावत, जयप्रकाश डंगवाल, मंगतराम, मदनमोहन घिल्डियाल व कीरत सिंह पंवार समेत कई लोग मौजूद थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
कोटद्वार। उत्तराखंड आंदोलनकारी जन मोर्चा ने सनेह पट्टी में जन पंचायत का आयोजन कर सरकार के प्रस्तावित नगर निगम के प्रस्ताव का विरोध किया। चेताया कि सरकार ग्रामीणों पर नगर निगम न थोपे और जनभावनाओं का सम्मान करे। कहा कि सरकार नगर निगम के बजाय ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करे तो बेहतर होगा। वन सीमा से सटे गांव वन्यजीवों से परेशान हैं। जनता कोटद्वार-कालागढ़-रामनगर मोटर मार्ग और चिलरखाल-लालढांग मार्ग के डामरीकरण की मांग करती आ रही है।
जन पंचायत को संबोधित करते हुए उत्तराखंड आंदोलनकारी जन मोर्चा के अध्यक्ष डा. शक्तिशैल कपरवाण ने कहा कि आम जनता नगर निगम के विरोध में है। ऐसे में ग्रामीणों पर नगर निगम नहीं थोपा जाना चाहिए। कहा कि ग्रामीणों की भावनाओं के विपरीत यदि सरकार ने उन पर नगर निगम थोपा तो इसका सड़कों पर उतरकर विरोध किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो ग्राम पंचायतों के वजूद की रक्षा के लिए गांव बचाओ आंदोलन चलाया जाएगा। कहा कि जल, जंगल और जमीन के कठोर कानूनों के कारण पहाड़ से पलायन हो रहा है। सरकार कोटद्वार क्षेत्र के गांवों की बुनियादी समस्याओं को हल करने से भाग रही है। इसके लिए नगर निगम का शिगूफा फेंक दिया गया है।
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जनमोर्चा के जिलाध्यक्ष प्रवेंद्र सिंह रावत ने सिद्धबली से सनेह तक के गांवों में हाथियों का उत्पात रोकने के लिए दीवार का निर्माण करने की मांग उठाई। कोटड़ीढांग के प्रधान विजयराम आर्य ने कहा कि सनेह पट्टी के गांवों को निगम में शामिल करने के विरोध में आंदोलन किया जाएगा। जन पंचायत में अनुसूया प्रसाद सेमवाल, राजेंद्र ढौंडियाल, विनोद भंडारी, बचन सिंह पुंडीर, मुकेश देवरानी, नत्थू सिंह अधिकारी, संजय कुमार पंथवाल, सुखवीर सैनी, हरेंद्र सिंह रावत, जयप्रकाश डंगवाल, मंगतराम, मदनमोहन घिल्डियाल व कीरत सिंह पंवार समेत कई लोग मौजूद थे।
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