खटारा बसों की जगह अब आप इन बसों में करेंगे सफर, मिलेंगी ये सुविधाएं
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उत्तराखंड परिवहन निगम की पुरानी और खटारा हो चुकी ‘लाल बसें’ जल्द ही विदा हो जाएंगी। इनकी जगह नई बसों आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी। नई बसों में कैमरे और जीपीएस की सुविधा होगी।
परिवहन निगम को 2009-10 में केंद्र सरकार ने जेएनयूआरएम के तहत करीब 148 बसें दी थी। इसका उद्देश्य दो छोटी दूरी पर स्थित शहरों को जोड़ना और सार्वजनिक यातायात की व्यवस्था को मजबूत करना था।
तय तो यह भी हुआ था कि इंटरसिटी बसों के लिए अलग से पूरा संचालन, मेंटेनेंस आदि की व्यवस्था होगी। इसमें नगर निगम भी शामिल होंगे। बाद में बसों को रोडवेज को ही सौंप दिया गया। इन बसों को देहरादून-लक्सर, रुद्रपुर-हल्द्वानी आदि जगहों पर चलाया गया। बाद में लंबी दूरी के रूटों पर भी खपाया जाने लगा। इसमें से अधिकांश बसें लोहे का कंकाल बन गई है।
इन 30 रूटों पर होगा आवागमन
अब परिवहन निगम ने निजी क्षेत्र के सहयोग (अनुबंधित) से 145 नई बसों को चलाने का फैसला किया है। यह बसें प्रदेश के 30 रूटों पर सेवाएं देगी। एक बस की क्षमता 32 सीट की होगी। इन बसों को चलाने की तैयारी करीब पूरी हो चुकी है। टाइम टेबिल आदि को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
परिवहन निगम के जीएम संचालन दीपक जैन ने बताया कि जेएनआरयूएम की बसें पुरानी हो चुकी है, इनकी हटा कर नई बसें चलेंगी। इन बसों के अंदर कैमरा भी लगा होगा। इसके अलावा बसों पर नजर रखने के लिए ग्लोबल पोजिशन सिस्टम(जीपीएस) उपकरण भी लगाया जाएगा।
इन बसों को चरणबद्ध तरीके से रूटों पर उतारा जाएगा। शुरुआत में इनका देहरादून-ऋषिकेश, देहरादून-हरिद्वार आदि रूटों पर संचालन शुरू किया जाएगा। एक पखवाड़े के अंदर सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।