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गंगा के साथ ही यमुना को साफ सुथरा बनाने में योगदान देगा भारतीय वन्यजीव संस्थान, 113 बजट होगा आवंटित
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ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) गंगा की साफ-सफाई अभियान में योगदान देने के साथ ही अब वह यमुना को निर्मल व स्वच्छ बनाने में भी योगदान देगा। नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के दूसरे चरण के लिए मिशन के महानिदेशक राजीव रंजन मिश्र और डब्ल्यूआईआई के निदेशक डॉ. वीबी माथुर के बीच हुई बैठक में इस पर सहमति बनी है।
सोमवार को डॉ. वीबी माथुर ने बताया कि नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के पहले चरण में केेंद्र सरकार ने उन्हें 25 करोड़ का बजट जारी कर परियोजना को पूरा करने के लिए तीन वर्ष का समय दिया था। इस परियोजना को संस्थान के विज्ञानियों ने समय पर पूरा किया था। संस्थान के उल्लेखनीय कार्यों को देखते हुए अब योजना के दूसरे चरण में 113 करोड़ रुपये का बजट आवंटित करने का आश्वासन दिया है। साथ ही परियोजना को पूरा करने की समय सीमा भी पांच साल निर्धारित की है। डॉ. माथुर ने बताया कि राजीव रंजन मिश्र ने संस्थान को गंगा के साथ ही यमुना को भी स्वच्छ और निर्मल बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। यह संस्थान के वैज्ञानिकों के लिए बड़ी उपलब्धि है।
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देहरादून। भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) गंगा की साफ-सफाई अभियान में योगदान देने के साथ ही अब वह यमुना को निर्मल व स्वच्छ बनाने में भी योगदान देगा। नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के दूसरे चरण के लिए मिशन के महानिदेशक राजीव रंजन मिश्र और डब्ल्यूआईआई के निदेशक डॉ. वीबी माथुर के बीच हुई बैठक में इस पर सहमति बनी है।
सोमवार को डॉ. वीबी माथुर ने बताया कि नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के पहले चरण में केेंद्र सरकार ने उन्हें 25 करोड़ का बजट जारी कर परियोजना को पूरा करने के लिए तीन वर्ष का समय दिया था। इस परियोजना को संस्थान के विज्ञानियों ने समय पर पूरा किया था। संस्थान के उल्लेखनीय कार्यों को देखते हुए अब योजना के दूसरे चरण में 113 करोड़ रुपये का बजट आवंटित करने का आश्वासन दिया है। साथ ही परियोजना को पूरा करने की समय सीमा भी पांच साल निर्धारित की है। डॉ. माथुर ने बताया कि राजीव रंजन मिश्र ने संस्थान को गंगा के साथ ही यमुना को भी स्वच्छ और निर्मल बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। यह संस्थान के वैज्ञानिकों के लिए बड़ी उपलब्धि है।
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