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भक्ति के लिए आत्म निवेदन जरूरी : परमार्थी
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प्रतीकात्मक तस्वीर
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
डीएल रोड स्थित श्री चैतन्य गौड़ीय मठ के वार्षिकोत्सव के मौके पर मंगलवार को भक्ति विवेक परमार्थी महाराज ने नवधा भक्ति का महात्म्य बताया। परमार्थी महाराज ने कहा कि भक्ति के लिए आत्म निवेदन बहुत जरूरी है। अपने आपको भगवान के चरणों में सदा के लिए समर्पण कर देना और कुछ भी अपनी स्वतंत्र सत्ता न रखना, यही भक्ति की सबसे उत्तम अवस्था मानी गई है।
भक्ति विवेक परमार्थी महाराज ने कहा कि विद्वानों, भक्तों एवं संतों के सानिध्य में प्रभु चिंतन का ज्ञान प्राप्त होता है। शास्त्रों में भक्ति के नौ प्रकार बताए गए हैं, जिसे नवधा भक्ति कहते हैं। नौ प्रकार की भक्ति करने वाला व्यक्ति भगवान का प्रिय होता है। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने शिरकत की। इस अवसर मठ की ओर से विधानसभा अध्यक्ष को सम्मानित किया गया। इस मौके पर भक्तोें ने हरि भजनों की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर भक्ति शोध जितेंद्रीय महाराज, भक्ति विचार विष्णु महाराज, भक्ति विलास महाराज, भक्ति मयूख भिक्षुक महाराज, स्वामी भक्ति सुंदर भारती, भक्ति प्रसन्न त्यागी महाराज आदि मौजूद रहे।
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डीएल रोड स्थित श्री चैतन्य गौड़ीय मठ के वार्षिकोत्सव के मौके पर मंगलवार को भक्ति विवेक परमार्थी महाराज ने नवधा भक्ति का महात्म्य बताया। परमार्थी महाराज ने कहा कि भक्ति के लिए आत्म निवेदन बहुत जरूरी है। अपने आपको भगवान के चरणों में सदा के लिए समर्पण कर देना और कुछ भी अपनी स्वतंत्र सत्ता न रखना, यही भक्ति की सबसे उत्तम अवस्था मानी गई है।
भक्ति विवेक परमार्थी महाराज ने कहा कि विद्वानों, भक्तों एवं संतों के सानिध्य में प्रभु चिंतन का ज्ञान प्राप्त होता है। शास्त्रों में भक्ति के नौ प्रकार बताए गए हैं, जिसे नवधा भक्ति कहते हैं। नौ प्रकार की भक्ति करने वाला व्यक्ति भगवान का प्रिय होता है। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने शिरकत की। इस अवसर मठ की ओर से विधानसभा अध्यक्ष को सम्मानित किया गया। इस मौके पर भक्तोें ने हरि भजनों की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर भक्ति शोध जितेंद्रीय महाराज, भक्ति विचार विष्णु महाराज, भक्ति विलास महाराज, भक्ति मयूख भिक्षुक महाराज, स्वामी भक्ति सुंदर भारती, भक्ति प्रसन्न त्यागी महाराज आदि मौजूद रहे।
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