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ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार जागरुकता शिविर आयोजित करें - डीएम
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उत्तरकाशी। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) की जिला स्तरीय सलाहकार समिति की त्रैमासिक बैठक जिला सभागार में हुई। बैठक में समिति के अध्यक्ष व डीएम डा. आशीष चौहान ने आरसीटी के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की।
बैठक में डीएम ने ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार युवकों को मशरूम, कुक्कुट, फूलों की खेती आदि कार्यों का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। साथ ही प्लंबर, इलेक्ट्रिीशियन आदि तकनीकी प्रशिक्षण देने सहित स्थानीय व्यंजनों को बढ़ावा देने के लिए फूड वैन योजना का प्रस्ताव तैयार करने को भी कहा। ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार कम लागत में स्वरोजगार स्थापित कर सकें। डीएम ने स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने को ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता शिविर लगाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने आरसेटी के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके लोगों की सूची के साथ ही स्वरोजगार कर रहे युवाओं का डाटा तैयार करने को कहा। आरसेटी निदेशक प्रमोद कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण संस्थान के निर्माण के लिए हीना गांव में 0.340 हेक्टेयर भूमि तथा 50 लाख की धनराशि उपलब्ध है। मगर प्रधान कार्यालय दिल्ली से निर्माण कार्यादेश व अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध नहीं होने के कारण निर्माण कार्य रुका हुआ है। इस पर डीएम ने प्रधान कार्यालय दिल्ली को उनकी ओर से पत्र लिखने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ प्रशांत आर्य, मुख्य कृषि अधिकारी महिधर सिंह तोमर, महाप्रबंधक उद्योग एसएस रावत, अग्रणी बैंक प्रबंधक एसएस तोमर, एपीडी विमल कुमार आदि मौजूद रहे।
बैठक में डीएम ने ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार युवकों को मशरूम, कुक्कुट, फूलों की खेती आदि कार्यों का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। साथ ही प्लंबर, इलेक्ट्रिीशियन आदि तकनीकी प्रशिक्षण देने सहित स्थानीय व्यंजनों को बढ़ावा देने के लिए फूड वैन योजना का प्रस्ताव तैयार करने को भी कहा। ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार कम लागत में स्वरोजगार स्थापित कर सकें। डीएम ने स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने को ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता शिविर लगाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने आरसेटी के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके लोगों की सूची के साथ ही स्वरोजगार कर रहे युवाओं का डाटा तैयार करने को कहा। आरसेटी निदेशक प्रमोद कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण संस्थान के निर्माण के लिए हीना गांव में 0.340 हेक्टेयर भूमि तथा 50 लाख की धनराशि उपलब्ध है। मगर प्रधान कार्यालय दिल्ली से निर्माण कार्यादेश व अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध नहीं होने के कारण निर्माण कार्य रुका हुआ है। इस पर डीएम ने प्रधान कार्यालय दिल्ली को उनकी ओर से पत्र लिखने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ प्रशांत आर्य, मुख्य कृषि अधिकारी महिधर सिंह तोमर, महाप्रबंधक उद्योग एसएस रावत, अग्रणी बैंक प्रबंधक एसएस तोमर, एपीडी विमल कुमार आदि मौजूद रहे।
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