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छात्र-छात्राओं को गीता मैनेजमेंट के गुर सिखाए
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चंबा (टिहरी)। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज में आयोजित गोष्ठी में छात्रों को प्रतियोगी युग में गीता के ज्ञान से जीवन पथ पर अग्रसर होने के गुर सिखाए गए। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में युवा पीढ़ी को श्रीमद्भागवत गीता के व्यावहारिक ज्ञान की जानकारी दी गयी।
प्रधानाचार्य इंद्रपाल सिंह परमार ने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता में भगवान श्रीकृष्ण के कहे गए उपदेश जीवन जीने की कला सिखाते हैं। श्रीकृष्ण की बुद्धिमत्ता, चातुर्य, युद्धनीति, सुख-दुख में खुश रहना आदि विशेष योग्यता के चलते उन्हें मैनेजमेंट गुरू कहा जाता है। ऐसे में आज की युवा पीढ़ी इन प्रबंधन गुणों को आजमाकर सफलता के नए आयाम रच सकती है। इसके बाद संस्कृति ज्ञान परीक्षा में निकिता धनोला प्रथम, माधुरी ममगाईं व दिव्यांशु बहुगुणा ने दूसरे और करन टाक तीसरे स्थान पर रहे। इस मौके पर शिक्षक विजय प्रकाश उनियाल, रविंद्र नेगी, महावीर नेगी, सुरजीत पुंडीर, राकेश, सोहन लाल, बिजेंद्र भंडारी आदि मौजूद थे।
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प्रधानाचार्य इंद्रपाल सिंह परमार ने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता में भगवान श्रीकृष्ण के कहे गए उपदेश जीवन जीने की कला सिखाते हैं। श्रीकृष्ण की बुद्धिमत्ता, चातुर्य, युद्धनीति, सुख-दुख में खुश रहना आदि विशेष योग्यता के चलते उन्हें मैनेजमेंट गुरू कहा जाता है। ऐसे में आज की युवा पीढ़ी इन प्रबंधन गुणों को आजमाकर सफलता के नए आयाम रच सकती है। इसके बाद संस्कृति ज्ञान परीक्षा में निकिता धनोला प्रथम, माधुरी ममगाईं व दिव्यांशु बहुगुणा ने दूसरे और करन टाक तीसरे स्थान पर रहे। इस मौके पर शिक्षक विजय प्रकाश उनियाल, रविंद्र नेगी, महावीर नेगी, सुरजीत पुंडीर, राकेश, सोहन लाल, बिजेंद्र भंडारी आदि मौजूद थे।
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