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अब आईडीटीआर झाझरा में बनेंगे हैवी ड्राइविंग लाइसेंस
Updated Sun, 30 Sep 2018 02:13 AM IST
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अब आईडीटीआर झाझरा में बनेंगे हैवी ड्राइविंग लाइसेंस
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। आरटीओ में बनने वाले हैवी ड्राइविंग लाइसेंस अब झाझरा स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (आईडीटीआर) में बनाए जाएंगे। इसके बाद इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने के बाद दो एवं चार पहिया वाहनों के लाइसेंस भी वहीं बनेंगे। अमर उजाला में खबर छपने के बाद परिवहन सचिव मामले का संज्ञान लिया। जिसके बाद दो महीने से धूल फांक रहे प्रस्ताव की रिपोर्ट सहायक परिवहन आयुक्त और आरटीओ ने उन्हें सौंपी।
मौजूदा समय में आरटीओ में बगैर टेस्ट के हैवी लाइसेंस बनाए जा रहे हैं। व्यक्ति द्वारा जुगाड़ से ट्रेनिंग सेंटर से सर्टिफिकेट लेने के बाद आरटीओ से उन्हें लाइसेंस जारी हो जाता था। इसे लेकर अमर उजाला ने शनिवार के अंक में ‘आरटीओ में बिना टेस्ट बन रहे हैवी लाइसेंस’ खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। जिसका संज्ञान लेते हुए परिवहन सचिव शैलेश बगौली ने सहायक परिवहन आयुक्त एसके सिंह ने आरटीओ डीसी पठोई से अगस्त में बनाए गए प्रस्ताव की रिपोर्ट मांगी। जिसके बाद दोनों अधिकारियों ने परिवहन सचिव को रिपोर्ट सौंपी। उन्होंने आईडीटीआर झाझरा में ऑटोमेटेड ट्रैक बनाने का सुझाव दिया। कहा कि मौजूदा समय में आरटीओ में जगह नहीं होने के चलते हैवी ड्राइविंग लाइसेंस बगैर टेस्ट के दिए जाते हैं। जिस पर परिवहन सचिव ने हैवी ड्राइविंग लाइसेंस आईडीटीआर झाझरा में बनाने को कहा। वहीं, इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने के बाद अन्य वाहनों के लाइसेंस भी आईडीटीआर में बनाए जाएंगे।
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रोजाना बनते हैं पांच से सात हैवी ड्राइविंग लाइसेंस
आरटीओ में रोजाना पांच से सात हैवी ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाते हैं। किसी भी व्यक्ति को मोटर ड्राइविंग सेंटर से जारी किए गए सर्टिफिकेट के आधार पर लाइसेंस जारी कर दिया जाता है। शहर में 14 मोटर ड्राइविंग सेंटर चलाए जा रहे हैं। जिनकी मॉनीटरिंग नहीं होने के चलते कई सेंटरों में बगैर प्रशिक्षण लिए सर्टिफिकेट जारी करने की शिकायत लगातार आती रहती है, लेकिन इसके बावजूद आरटीओ की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। खानापूर्ति के नाम पर निरीक्षण कर इतिश्री कर ली जाती है।
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कोट :
परिवहन सचिव ने अगस्त में लाइसेंस आवेदकों का टेस्ट आईडीटीआर में कराने संबंधी प्रस्ताव की रिपोर्ट तलब की है। हैवी मोटर ड्राइविंग लाइसेंस अब झाझरा में बनाए जाएंगे। इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने के बाद सभी वाहनों के लाइसेंस के लिए परीक्षण वहीं किया जाएगा।
- डीसी पठोई, आरटीओ
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। आरटीओ में बनने वाले हैवी ड्राइविंग लाइसेंस अब झाझरा स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (आईडीटीआर) में बनाए जाएंगे। इसके बाद इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने के बाद दो एवं चार पहिया वाहनों के लाइसेंस भी वहीं बनेंगे। अमर उजाला में खबर छपने के बाद परिवहन सचिव मामले का संज्ञान लिया। जिसके बाद दो महीने से धूल फांक रहे प्रस्ताव की रिपोर्ट सहायक परिवहन आयुक्त और आरटीओ ने उन्हें सौंपी।
मौजूदा समय में आरटीओ में बगैर टेस्ट के हैवी लाइसेंस बनाए जा रहे हैं। व्यक्ति द्वारा जुगाड़ से ट्रेनिंग सेंटर से सर्टिफिकेट लेने के बाद आरटीओ से उन्हें लाइसेंस जारी हो जाता था। इसे लेकर अमर उजाला ने शनिवार के अंक में ‘आरटीओ में बिना टेस्ट बन रहे हैवी लाइसेंस’ खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। जिसका संज्ञान लेते हुए परिवहन सचिव शैलेश बगौली ने सहायक परिवहन आयुक्त एसके सिंह ने आरटीओ डीसी पठोई से अगस्त में बनाए गए प्रस्ताव की रिपोर्ट मांगी। जिसके बाद दोनों अधिकारियों ने परिवहन सचिव को रिपोर्ट सौंपी। उन्होंने आईडीटीआर झाझरा में ऑटोमेटेड ट्रैक बनाने का सुझाव दिया। कहा कि मौजूदा समय में आरटीओ में जगह नहीं होने के चलते हैवी ड्राइविंग लाइसेंस बगैर टेस्ट के दिए जाते हैं। जिस पर परिवहन सचिव ने हैवी ड्राइविंग लाइसेंस आईडीटीआर झाझरा में बनाने को कहा। वहीं, इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने के बाद अन्य वाहनों के लाइसेंस भी आईडीटीआर में बनाए जाएंगे।
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रोजाना बनते हैं पांच से सात हैवी ड्राइविंग लाइसेंस
आरटीओ में रोजाना पांच से सात हैवी ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाते हैं। किसी भी व्यक्ति को मोटर ड्राइविंग सेंटर से जारी किए गए सर्टिफिकेट के आधार पर लाइसेंस जारी कर दिया जाता है। शहर में 14 मोटर ड्राइविंग सेंटर चलाए जा रहे हैं। जिनकी मॉनीटरिंग नहीं होने के चलते कई सेंटरों में बगैर प्रशिक्षण लिए सर्टिफिकेट जारी करने की शिकायत लगातार आती रहती है, लेकिन इसके बावजूद आरटीओ की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। खानापूर्ति के नाम पर निरीक्षण कर इतिश्री कर ली जाती है।
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कोट :
परिवहन सचिव ने अगस्त में लाइसेंस आवेदकों का टेस्ट आईडीटीआर में कराने संबंधी प्रस्ताव की रिपोर्ट तलब की है। हैवी मोटर ड्राइविंग लाइसेंस अब झाझरा में बनाए जाएंगे। इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने के बाद सभी वाहनों के लाइसेंस के लिए परीक्षण वहीं किया जाएगा।
- डीसी पठोई, आरटीओ