फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   बारिश ने फेरा किसानों की मेहनत पर पानी

बारिश ने फेरा किसानों की मेहनत पर पानी

Tue, 25 Sep 2018 12:47 AM IST
Updated Tue, 25 Sep 2018 12:47 AM IST
विज्ञापन
बारिश ने फेरा किसानों की मेहनत पर पानी
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
विज्ञापन

पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश और आंधी से धान की फसल को क्षति पहुंची है। जनपद में 13 हजार हेक्टेअर धान की फसल प्रभावित हुई है। हालांकि अभी अधिकारी नुकसान के आकलन करने को मैदान में नहीं उतरे हैं। लेकिन, उनकी मानें तो बीमित फसल वाले किसान को मुआवजा शीघ्र मिल जाएगा और अन्य किसान की फसल की रिपोर्ट राजस्व विभाग को भेज दी जाएगी। उनके मुआवजा के लिए शासन स्तर से धनराशि तय की जाएगी। किसान मायूस नजर आ रहे हैं, क्योंकि रोपने से लेकर अब तक अच्छी बारिश होने से धान की फसल ने अच्छी बाली अच्छी आई थी।
हरिद्वार के सभी गांवों में इस साल 13 हजार हेक्टेअर भूमि में धान की रोपाई हुई। ब्लॉक बहादराबाद के सहदेवपुर, सुभाषगढ़, दिनारपुर, डंडी अहमदपुर ग्रंट, अलीपुर, रोहालकी, आत्मलपुर बोंगला, बहादराबाद, खेड़ली के साथ पथरी, लक्सर, श्यामपुर, भगवानपुर, झबरेड़ा, नारसन, खानुपर आदि क्षेत्रों के गांवों में धान की खेती के लिए क्षेत्र में मशहूर है। किसानों ने बताया कि इस वर्ष धान बुआई के समय भरपूर बारिश होने से धान की अच्छी फसल होने की संभावना थी। उन्होंने बताया कि बुआई के बाद भी समय-समय पर आवश्यकता के अनुरूप हुई बरसात से धान की फसल में इस बार कीट पतंगों का प्रकोप भी कम देखने को मिल रहा था। किसानों को इस बार फसल में कीटनाशक दवाओं का इस्तेमाल काम करना पड़ा था, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ा था। किसानों ने बताया कि इस बार उचित समय पर हुई बारिश के कारण धान की फसल बहुत अच्छी होने की उम्मीद में सभी किसान बेहद खुश नजर आ रहे थे। लेकिन, अब शनिवार से सोमवार की देर शाम तक लगातार बारिश होने और तेज हवा चलने से अधिकतर धान की फसल जमीन पर गिर गई है। खेतों में बारिश का पानी भर गया है। किसानों को अधिक नुकसान की आशंका है।
विज्ञापन

कोट-
बारिश और तेज हवा से हुए नुकसान की अब तक किसी भी क्षेत्र से रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद ही नुकसान की जानकारी दी जाएगी। जिन किसानों की फसल का बीमा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में कराया है। उन किसानों की धान की फसल बाढ़ या अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गई है। वह किसान कृषि विभाग के निकटतम कार्यालय को सूचना दें, जिससे की किसानों की फसल की क्षतिपूर्ति हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

- वीके यादव, जिला मुख्य कृषि अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed