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संघ में पदाधिकारी नहीं रहेंगे सेवानिवृत शिक्षक
Updated Wed, 05 Sep 2018 02:05 AM IST
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संघ में पदाधिकारी नहीं रहेंगे सेवानिवृत्त शिक्षक
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। प्राथमिक शिक्षक संघ में सेवानिवृत्ति के बाद कोई पदाधिकारी पद पर नहीं रहेगा। संघ की महासभा में जल्द ही इस संबंध में प्रस्ताव लाया जाएगा। इसके तहत सेवानिवृत्त होने पर शिक्षकों को पद छोड़ना होगा। अभी संघ की प्रदेश अध्यक्ष निर्मला महर और देहरादून जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कृषाली सेवानिवृत्त होने के बावजूद पद पर काबिज हैं।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कृषाली काफी समय से सेवानिवृत्त शिक्षकों को पद से हटाने की मांग करते आ रहे हैं। हालांकि वह खुद भी 31 अगस्त को सेवानिवृत्त होने के बावजूद अपने पद पर डटे हुए हैं। इससे संगठन में अन्य शिक्षकों के बीच असंतोष पनप रहा है। यह देखते हुए संघ अब सेवानिवृत्त शिक्षकों को पदाधिकारी न रखने की तैयारी कर रहा है।
संघ के प्रांतीय महामंत्री दिग्विजय सिंह चौहान ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि 18 और 19 सितंबर को संघ का दो दिवसीय अधिवेशन होना है। इसके बाद नई प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। इससे पहले महासभा में सेवानिवृत्त होने पर पद छोड़ने का प्रस्ताव लाया जाएगा।
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सरकार भी दे चुकी निर्देश
सेवानिवृत्त कर्मचारियों को संघ पदाधिकारी न बनाने को लेकर राज्य सरकार भी निर्देश जारी कर चुकी है। प्रदेश के कई कर्मचारी संघों में सेवानिवृत्त होने के बावजूद कर्मचारी नेता पदाधिकारी बने हुए हैं। अध्यक्ष, महासचिव और कोषाध्यक्ष के बजाय ऐसे नेता संरक्षक की भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि सरकार इसको लेकर नाराजगी जता चुकी है। नियमावली के अनुसार भी सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ का सदस्य नहीं हो सकता।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। प्राथमिक शिक्षक संघ में सेवानिवृत्ति के बाद कोई पदाधिकारी पद पर नहीं रहेगा। संघ की महासभा में जल्द ही इस संबंध में प्रस्ताव लाया जाएगा। इसके तहत सेवानिवृत्त होने पर शिक्षकों को पद छोड़ना होगा। अभी संघ की प्रदेश अध्यक्ष निर्मला महर और देहरादून जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कृषाली सेवानिवृत्त होने के बावजूद पद पर काबिज हैं।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कृषाली काफी समय से सेवानिवृत्त शिक्षकों को पद से हटाने की मांग करते आ रहे हैं। हालांकि वह खुद भी 31 अगस्त को सेवानिवृत्त होने के बावजूद अपने पद पर डटे हुए हैं। इससे संगठन में अन्य शिक्षकों के बीच असंतोष पनप रहा है। यह देखते हुए संघ अब सेवानिवृत्त शिक्षकों को पदाधिकारी न रखने की तैयारी कर रहा है।
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संघ के प्रांतीय महामंत्री दिग्विजय सिंह चौहान ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि 18 और 19 सितंबर को संघ का दो दिवसीय अधिवेशन होना है। इसके बाद नई प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। इससे पहले महासभा में सेवानिवृत्त होने पर पद छोड़ने का प्रस्ताव लाया जाएगा।
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सरकार भी दे चुकी निर्देश
सेवानिवृत्त कर्मचारियों को संघ पदाधिकारी न बनाने को लेकर राज्य सरकार भी निर्देश जारी कर चुकी है। प्रदेश के कई कर्मचारी संघों में सेवानिवृत्त होने के बावजूद कर्मचारी नेता पदाधिकारी बने हुए हैं। अध्यक्ष, महासचिव और कोषाध्यक्ष के बजाय ऐसे नेता संरक्षक की भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि सरकार इसको लेकर नाराजगी जता चुकी है। नियमावली के अनुसार भी सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ का सदस्य नहीं हो सकता।