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दुनिया में बढ़ रहा हिंदी का दायरा : जुबैरी
Updated Thu, 11 Jan 2018 01:29 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून।
आज पूरी दुनिया में हिंदी का दायरा बढ़ रहा है। दुनिया के 130 विश्वविद्यालयों में हिंदी पढ़ाई जा रही है। राष्ट्रभाषा हिंदी का सम्मान करना हम सभी का दायित्व है। विश्व हिंदी दिवस के मौके पर बुधवार को केंद्रीय विद्यालय हाथीबड़कला में आयोजित कार्यक्रम में लंदन से आईं कथाकार जकिया जुबैरी ने यह बातें कही।
उन्होंने कहा कि लंदन में भी हिंदी बोलने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। विश्व के अलग-अलग हिस्सों में अब तक 10 विश्व हिंदी सम्मेलन आयोजित हो चुके हैं। कार्यक्रम अध्यक्ष कवि पद्मश्री लीलाधर जगूड़ी ने कहा कि विश्व की तमाम भाषाओं में हिंदी सबसे अधिक वैज्ञानिक भाषा है। कथाकार जितेन ठाकुर, वरिष्ठ कहानीकार सुभाष पंत, साहित्यकार गीता गैरोला, प्रो. राजेश पाल, कवयित्री रंजीता सिंह, डॉ. सुनील पांडेय, साहित्यकार प्रेम साहिल तथा डॉ. सुशील उपाध्याय ने भी अपने विचार रखे। प्राचार्य डॉ. इंद्रजीत सिंह ने सभी का स्वागत किया। इस मौके पर प्रमोद कुमार, विनोद कुमार, एमसी भट्ट आदि मौजूद रहे।
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आज पूरी दुनिया में हिंदी का दायरा बढ़ रहा है। दुनिया के 130 विश्वविद्यालयों में हिंदी पढ़ाई जा रही है। राष्ट्रभाषा हिंदी का सम्मान करना हम सभी का दायित्व है। विश्व हिंदी दिवस के मौके पर बुधवार को केंद्रीय विद्यालय हाथीबड़कला में आयोजित कार्यक्रम में लंदन से आईं कथाकार जकिया जुबैरी ने यह बातें कही।
उन्होंने कहा कि लंदन में भी हिंदी बोलने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। विश्व के अलग-अलग हिस्सों में अब तक 10 विश्व हिंदी सम्मेलन आयोजित हो चुके हैं। कार्यक्रम अध्यक्ष कवि पद्मश्री लीलाधर जगूड़ी ने कहा कि विश्व की तमाम भाषाओं में हिंदी सबसे अधिक वैज्ञानिक भाषा है। कथाकार जितेन ठाकुर, वरिष्ठ कहानीकार सुभाष पंत, साहित्यकार गीता गैरोला, प्रो. राजेश पाल, कवयित्री रंजीता सिंह, डॉ. सुनील पांडेय, साहित्यकार प्रेम साहिल तथा डॉ. सुशील उपाध्याय ने भी अपने विचार रखे। प्राचार्य डॉ. इंद्रजीत सिंह ने सभी का स्वागत किया। इस मौके पर प्रमोद कुमार, विनोद कुमार, एमसी भट्ट आदि मौजूद रहे।
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