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एक भी प्रसूता को दिक्कत आई तो सरकार होगी जिम्मेदार : हरीश
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सोमवार को आपालकालीन एंबुलेंस सेवा 108 के पूर्व कर्मचारियों के बीच से पहुंचे और सरकार के फैसले पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने कहा कि नई कंपनी को कांट्रेक्ट देकर सरकार बड़ी गलती कर चुकी है। सरकार के इस फैसले से यदि एक भी प्रसूता को परेशानी हुई तो पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। उन्होंने कर्मचारियों की समस्या को हल कराने के लिए खुद प्रयासरत रहने का आश्वासन दिया।
आपालकालीन एंबुलेंस सेवा 108 (जीवीके) के पूर्व कर्मचारी बीते 30 अप्रैल से परेड ग्राउंड के पास धरना दे रहे हैं। कर्मचारियों ने खून से पत्र लिखकर तो कभी भीख मांगकर सरकार तक मांग पहुंचाने का प्रयास किया है। बहरहाल अभीतक कोई हल नहीं निकला है। सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत कर्मचारियों के बीच पहुंचे और मुख्यमंत्री व सरकार को खरी खरी सुनाई। उन्होंने कहा कि पूर्व कर्मचारियों के प्रति सरकार का रवैया निराशाजनक है। यदि पूर्व कंपनी को हटाना ही था तो कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता देकर निर्णय लिया जाना चाहिए था। कांग्रेस सरकार के समय भी ऐसी स्थिति आई थी जब व्यवस्था चरमरा गई थी, लेकिन उस वक्त हमारी सरकार ने कर्मचारियों के हितों को सर्वोेपरि रखा और जीवीके को नो लॉस नो प्रोफिट का फंडा दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार बहुत बड़ी गलती कर चुकी है। इसके लिए उसे ही निर्णय लेना होगा कि कर्मचारियों को किस तरह राहत दी जाए।
सरकार समय मांगे तो देना
हरीश रावत यहां भले ही भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री पर हमला बोल रहे हों, लेकिन इस दौरान भी उन्होंने एक कुशल राजनीतिज्ञ का परिचय दिया। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि यह मामला अब बड़ा हो चुका है। यदि भविष्य में सरकार आपसे बात करे और थोड़ा समय मांगे तो समय दे देना। क्योंकि, गलती तो एकदम हो जाती है, लेकिन सुधार में समय लगता है।
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खुद करता रहूंगा प्रयास
अपने करीब 12 मिनट के भाषण में हरीश रावत जैसे कर्मचारियों के दिलों में ही उतर गए। उन्होंने कर्मचारियों के हर दर्द को अपना कहते हुए कहा कि वे खुद भी आपकी समस्या को हल कराने के लिए प्रयास करते रहेंगे। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सचिव से भी बात करनी चाही, लेकिन उनसे हरीश रावत का संपर्क नहीं हो पाया।
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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सोमवार को आपालकालीन एंबुलेंस सेवा 108 के पूर्व कर्मचारियों के बीच से पहुंचे और सरकार के फैसले पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने कहा कि नई कंपनी को कांट्रेक्ट देकर सरकार बड़ी गलती कर चुकी है। सरकार के इस फैसले से यदि एक भी प्रसूता को परेशानी हुई तो पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। उन्होंने कर्मचारियों की समस्या को हल कराने के लिए खुद प्रयासरत रहने का आश्वासन दिया।
आपालकालीन एंबुलेंस सेवा 108 (जीवीके) के पूर्व कर्मचारी बीते 30 अप्रैल से परेड ग्राउंड के पास धरना दे रहे हैं। कर्मचारियों ने खून से पत्र लिखकर तो कभी भीख मांगकर सरकार तक मांग पहुंचाने का प्रयास किया है। बहरहाल अभीतक कोई हल नहीं निकला है। सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत कर्मचारियों के बीच पहुंचे और मुख्यमंत्री व सरकार को खरी खरी सुनाई। उन्होंने कहा कि पूर्व कर्मचारियों के प्रति सरकार का रवैया निराशाजनक है। यदि पूर्व कंपनी को हटाना ही था तो कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता देकर निर्णय लिया जाना चाहिए था। कांग्रेस सरकार के समय भी ऐसी स्थिति आई थी जब व्यवस्था चरमरा गई थी, लेकिन उस वक्त हमारी सरकार ने कर्मचारियों के हितों को सर्वोेपरि रखा और जीवीके को नो लॉस नो प्रोफिट का फंडा दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार बहुत बड़ी गलती कर चुकी है। इसके लिए उसे ही निर्णय लेना होगा कि कर्मचारियों को किस तरह राहत दी जाए।
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सरकार समय मांगे तो देना
हरीश रावत यहां भले ही भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री पर हमला बोल रहे हों, लेकिन इस दौरान भी उन्होंने एक कुशल राजनीतिज्ञ का परिचय दिया। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि यह मामला अब बड़ा हो चुका है। यदि भविष्य में सरकार आपसे बात करे और थोड़ा समय मांगे तो समय दे देना। क्योंकि, गलती तो एकदम हो जाती है, लेकिन सुधार में समय लगता है।
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खुद करता रहूंगा प्रयास
अपने करीब 12 मिनट के भाषण में हरीश रावत जैसे कर्मचारियों के दिलों में ही उतर गए। उन्होंने कर्मचारियों के हर दर्द को अपना कहते हुए कहा कि वे खुद भी आपकी समस्या को हल कराने के लिए प्रयास करते रहेंगे। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सचिव से भी बात करनी चाही, लेकिन उनसे हरीश रावत का संपर्क नहीं हो पाया।