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देहरादून: तीन महिला छात्रावासों की जांच में मिलीं खामियां
Sat, 27 Apr 2019 10:43 AM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 27 Apr 2019 10:43 AM IST
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उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विजय बड़थ्वाल की अगुवाई में आयोग की दो सदस्यीय टीम ने शुक्रवार को राजधानी के बाहरी इलाके बिधोली में संचालित तीन महिला छात्रावासों का निरीक्षण किया। टीम को छात्रावासों की जांच के दौरान तमाम अनियमितताएं मिली हैं। छात्रावासों का कहीं पर भी पंजीकरण नहीं पाया गया। छात्रावासों के संचालक व वार्डेन भी नदारद मिले। आयोग अध्यक्ष का कहना है कि इस संबंध में राज्य सरकार व शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
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महिला आयोग की अध्यक्ष विजय बड़थ्वाल व सदस्य सचिव कामिनी गुप्ता की अगुवाई में आयोग की टीम ने बिधोली में यूपीईएस के निकट संचालित जेएमडी हास्टल, यूथ जेम्स हॉस्टल व गार्जिन हॉस्टल की जांच की। जांच के दौरान तीनों छात्रावासों के संचालक व वार्डन नहीं मिले। छात्रावासों को महज सुरक्षा गार्डों के भरोसे छोड़ दिया गया है। टीम ने मौके पर उपस्थित कर्मचारियों व सुरक्षा गार्डों से छात्राओं के बारे में जानकारी मांगी तो वे कुछ भी जानकारी नहीं दे सके। छात्रावासों में रहने वाली छात्राओं के भौतिक सत्यापन के बारे में पता किया गया तो पता चला कि एक भी छात्रा का सत्यापन नहीं कराया गया है। पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि छात्रावासों के मालिक दिल्ली व अन्य शहरों में रहते हैं। उन्होंने छात्रावासों को लीज पर दे रखा है।
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आयोग अध्यक्ष व सदस्य सचिव ने जब छात्राओं से शुल्क के बारे मेें जानकारी ली तो पता चला कि वे छात्रावास में रहने के डेढ़ लाख रुपये सालाना दे रही हैं। इसका कोई रिकार्ड नहीं रखा जाता है। निरीक्षण के दौरान किसी भी महिला छात्रावास में यौन उत्पीड़न शिकायत निवारण समिति का गठन नहीं किया गया है। वहीं राज्य महिला आयोग की टीम के अचानक छात्रावासों में पहुंचने और जांच को लेकर छात्रावासों में अफरातफरी का भी माहौल रहा। छात्रावासों में रहने वाली छात्राओं को भी एकबारगी समझ में नहीं आया कि आखिरकार प्रकरण क्या हैं? मामला समझ आने पर छात्राओं ने राहत की सांस ली। आयोग अध्यक्ष विजय बड़थ्वाल का कहना है कि छात्रावासों की जांच में तमाम खामियां पाई गई हैं। इस संबंध में सरकार व शासन को अवगत कराया जाएगा ताकि कार्रवाई की जा सके।
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