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14 दिन में भी पूरी नहीं हुई 30 बोरों की जांच
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14 दिन में भी पूरी नहीं हुई 30 बोरे राशन की जांच
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। क्लेमेंटटाउन थाना क्षेत्र में पकड़े गए 30 बोरे सरकारी खाद्यान्न के मामले की जांच 14 दिन बाद भी पूरी नहीं हो पाई है। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विभाग सरकारी राशन की कालाबाजारी पर पर्दा डालने के लिए इस खाद्यान्न को किसी व्यापारी के होना दर्शाकर की कोशिश में जुटे हैं।
बता दें कि क्लेमेंटटाउन पुलिस ने सात फरवरी की रात टर्नर रोड पर एक वाहन को पकड़ा था। जिसमें सरकारी चावल के 30 कट्टे लदे हुए थे। पुलिस ने वाहन चालक विजयपाल से इस राशन के बारे में पूछताछ की तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका था। ऐसे में पुलिस ने कालाबाजारी का राशन बताते हुए आपूर्ति अधिकारी को जानकारी दी थी। साथ ही मौके पर इंस्पेक्टर को भी बुलाया गया था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरएफसी अधिकारी ने तत्काल जांच के निर्देश दिए थे। तब से मामले को जांच के नाम पर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। उधर, जिला आपूर्ति अधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि पूर्ति निरीक्षक विभूति जुयाल के नेतृत्व में मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वहीं सूत्रों ने दावा किया है कि मामले को रफा दफा करने के लिए इस राशन को प्राइवेट दिखाने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए कुछ बड़े दुकानदारों से बात की जा रही है ताकि कोई इस संबंध में बिल दिखा सके। उल्लेखनीय है कि आरएफसी गोदाम में पिछले साल 10 हजार से अधिक बोरे राशन गायब हुआ था, जिसमें प्रभारी सहित चार कर्मचारी निलंबित किए गए थे। इस मामले में भी जांच के नाम पर लीपापोती की जा रही है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। क्लेमेंटटाउन थाना क्षेत्र में पकड़े गए 30 बोरे सरकारी खाद्यान्न के मामले की जांच 14 दिन बाद भी पूरी नहीं हो पाई है। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विभाग सरकारी राशन की कालाबाजारी पर पर्दा डालने के लिए इस खाद्यान्न को किसी व्यापारी के होना दर्शाकर की कोशिश में जुटे हैं।
बता दें कि क्लेमेंटटाउन पुलिस ने सात फरवरी की रात टर्नर रोड पर एक वाहन को पकड़ा था। जिसमें सरकारी चावल के 30 कट्टे लदे हुए थे। पुलिस ने वाहन चालक विजयपाल से इस राशन के बारे में पूछताछ की तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका था। ऐसे में पुलिस ने कालाबाजारी का राशन बताते हुए आपूर्ति अधिकारी को जानकारी दी थी। साथ ही मौके पर इंस्पेक्टर को भी बुलाया गया था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरएफसी अधिकारी ने तत्काल जांच के निर्देश दिए थे। तब से मामले को जांच के नाम पर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। उधर, जिला आपूर्ति अधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि पूर्ति निरीक्षक विभूति जुयाल के नेतृत्व में मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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वहीं सूत्रों ने दावा किया है कि मामले को रफा दफा करने के लिए इस राशन को प्राइवेट दिखाने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए कुछ बड़े दुकानदारों से बात की जा रही है ताकि कोई इस संबंध में बिल दिखा सके। उल्लेखनीय है कि आरएफसी गोदाम में पिछले साल 10 हजार से अधिक बोरे राशन गायब हुआ था, जिसमें प्रभारी सहित चार कर्मचारी निलंबित किए गए थे। इस मामले में भी जांच के नाम पर लीपापोती की जा रही है।
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