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डॉक्टरों, अस्पताल संचालकों का आंदोलन फिर शुरू

Thu, 14 Feb 2019 01:51 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 14 Feb 2019 01:51 AM IST
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डॉक्टरों, अस्पताल संचालकों का आंदोलन फिर शुरू
डॉक्टरों, अस्पताल संचालकों का आंदोलन फिर शुरू
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। राज्य में संशोधित ‘क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट लागू कराने की मांग व नैनीताल में पंजीकरण नहीं कराए जाने पर जिलाधिकारी की ओर से जुर्माने का नोटिस जारी किए जाने के बाद डॉक्टरों ने आंदोलन शुरू कर दिया है। आईएमए की अगुवाई में राज्यभर के डॉक्टरों, नर्सिंगहोम व क्लीनिक संचालकों ने बुधवार को आंदोलन की शुरुआत की है। जिसके पहले चरण में बुधवार को डॉक्टरों व अस्पताल संचालकों ने काली पट्टी बांधकर मरीजों की जांच की। जबकि आंदोलन के दूसरे चरण में डॉक्टर व अस्पताल संचालक शुक्रवार को अस्पतालों व क्लीनिक में खुद ही तालाबंदी कर देंगे।
बुधवार को आईएमए के प्रदेश अध्यक्ष बीएस जज व प्रदेश सचिव डॉ. डीडी चौधरी ने पत्रकार वार्ता कर आंदोलन का एलान किया। दोनों पदाधिकारियों ने बताया कि आंदोलन के दूसरे चरण में शुक्रवार से प्रदेश भर के नर्सिंगहोम व क्लीनिक संचालक खुद ही अस्पतालों में तालाबंदी कर देंगे। दोनों पदाधिकारियों ने सरकार पर आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुई त्रिपक्षीय समझौता वार्ता में तमाम मुद्दों पर सहमति बनी थी लेकिन अब सरकार इसे लागू कराने में आनाकानी कर रही है। आईएमए पदाधिकारियों ने कहा कि अस्पताल संचालकों को आयुष्मान योजना के तहत मरीजोें का इलाज करने लिए बाध्य किया जा रहा है। डॉक्टरों ने मांग उठाई है कि क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत अस्पतालों में आए दिन होने वाली मारपीट की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े प्रावधान किए जाएं।
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प्रदेशभर में आईएमए पदाधिकारियों, डॉक्टरों की बैठक
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की राज्य इकाई के निर्देश पर प्रदेश भर में पदाधिकारियों, डॉक्टरों ने बैठक कर आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की। डॉक्टरों का कहना है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो अस्पतालोें में खुद ही तालाबंदी कर इलाज ठप कर देंगे।
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कोट ...
स्वास्थ्य सचिव को संशोधित एक्ट का मसौदा सौंपा गया था। मुख्यमंत्री के निर्देश पर ही मसौदे को तैयार किया गया था। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में इस मुद्दे पर चर्चा की गई थी, लेकिन अब आला अफसर संशोधित एक्ट को लागू करने के बजाय डॉक्टरों व अस्पताल संचालकों का उत्पीड़न कर रहे हैं। ऐसे में अब डॉक्टरों को आंदोलन शुरू करना पड़ रहा है। सरकार को संशोधित एक्ट का मसौदा लागू करना चाहिए।
- डॉ. डीडी चौधरी, सचिव, उत्तराखंड आईएमए
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