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बीएड प्रशिक्षितों ने सरकार व शिक्षा विभाग पर लगाया उपेक्षा का आरोप
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
बीएड प्रशिक्षण वर्ष की ज्येष्ठता और गुणांकों की श्रेष्ठता के आधार पर चयन की मांग के समर्थन में बीएड प्रशिक्षितों का शिक्षा महानिदेशालय पर धरना 131वें दिन भी जारी रहा। बीएड प्रशिक्षितोें ने सरकार व शिक्षा विभाग पर उपेक्षा का आरेाप लगाया है।
बीएड प्रशिक्षित महासंघ के प्रदेश महासचिव बलबीर बिष्ट ने कहा कि जब तक सरकार 14 दिसंबर को कैबिनेट में पारित प्रारंभिक शिक्षा सेवा नियमावली के संशोधन को निरस्त कर बीते 25 साल से चली आ रही पूर्व बीएड प्रशिक्षण वर्ष की ज्येेष्ठता और गुणांकों की श्रेष्ठता का शासनादेश जारी नहीं करती धरना जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि एक तरफ राज्य के सभी सरकारी स्कूलों, कॉलेजों में शिक्षकों की भारी कमी है और पठन पाठन प्रभावित हो रहा है, वहीं सरकार शिक्षकों की नियुक्ति में आनाकानी कर रही है। जबकि राज्य में हजारों प्रशिक्षित बेरोजगार नौकरी के लिए भटक रहे हैं। वक्ताओं का कहना था कि इस संबंध मेें शिक्षा मंत्री द्वारा आगामी कैबिनेट में ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। ऐसे में यदि सरकार वादा खिलाफी करती है तो प्रदेशभर के बेरोजगार उग्र आंदोलन को मजबूर होंगे। मांगोें को लेकर शिक्षा मंत्री व आला अफसरों से कई दौर की वार्ताएं हो चुकी हैं, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है।
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बीएड प्रशिक्षण वर्ष की ज्येष्ठता और गुणांकों की श्रेष्ठता के आधार पर चयन की मांग के समर्थन में बीएड प्रशिक्षितों का शिक्षा महानिदेशालय पर धरना 131वें दिन भी जारी रहा। बीएड प्रशिक्षितोें ने सरकार व शिक्षा विभाग पर उपेक्षा का आरेाप लगाया है।
बीएड प्रशिक्षित महासंघ के प्रदेश महासचिव बलबीर बिष्ट ने कहा कि जब तक सरकार 14 दिसंबर को कैबिनेट में पारित प्रारंभिक शिक्षा सेवा नियमावली के संशोधन को निरस्त कर बीते 25 साल से चली आ रही पूर्व बीएड प्रशिक्षण वर्ष की ज्येेष्ठता और गुणांकों की श्रेष्ठता का शासनादेश जारी नहीं करती धरना जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि एक तरफ राज्य के सभी सरकारी स्कूलों, कॉलेजों में शिक्षकों की भारी कमी है और पठन पाठन प्रभावित हो रहा है, वहीं सरकार शिक्षकों की नियुक्ति में आनाकानी कर रही है। जबकि राज्य में हजारों प्रशिक्षित बेरोजगार नौकरी के लिए भटक रहे हैं। वक्ताओं का कहना था कि इस संबंध मेें शिक्षा मंत्री द्वारा आगामी कैबिनेट में ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। ऐसे में यदि सरकार वादा खिलाफी करती है तो प्रदेशभर के बेरोजगार उग्र आंदोलन को मजबूर होंगे। मांगोें को लेकर शिक्षा मंत्री व आला अफसरों से कई दौर की वार्ताएं हो चुकी हैं, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है।
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