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गन्ना तौल केंद्र पर पकड़ी बड़ी घटतौली
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गन्ना तौल केंद्र पर पकड़ी बड़ी घटतौली
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। बाट-माप विभाग ने हर्रावाला गन्ना तौल केंद्र पर बड़ी घटतौली पकड़ी है। यहां 50 किलोग्राम भार को कांटा महज 30 किलोग्राम ही दर्शाते पाया गया। ऐसे में किसानों का 40 फीसदी तक गन्ना हड़पा जा रहा था। इस आधार पर विभाग ने कांटे को अवैध घोषित कर दिया है। इसके साथ ही चीनी मिल डोईवाला में भी वैधानिक भार बाट नहीं थे। विभाग ने मिल प्रबंधन को चेतावनी देते हुए जल्द व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
बाट-माप विभाग के संयुक्त नियंत्रक कृष्ण कुमार शर्मा के निर्देश पर विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक अमित कुमार सिंह ने बताया कि टीम के साथ हर्रावाला गन्ना क्रय केंद्र पर छापा मारा। यहां तौल कांटे पर जब 50 किलोग्राम का बाट रखा गया तो केवल 30 किलोग्राम ही दर्शाया गया। इसके साथ ही वहां आवश्यक रूप से परीक्षण के लिए रखे जाने वाले 500 किलोग्राम के बाट भी नहीं पाए गए। यहां बड़ी मात्रा में किसानों से गन्ना ज्यादा लिया जा रहा था। एक क्विंटल गन्ने पर उन्हें तकरीबन 120 रुपये का नुकसान दिया जा रहा था। इस कांटे को अवैध घोषित कर दिया है। इसके बाद चीनी मिल डोईवाला के तौल केंद्र पर भी छापेमारी की गई। वहां आवश्यक रूप से रखे जाने वाले 15 टन भार के बाट उपलब्ध ही नहीं थे। इसके साथ ही वहां स्टील यार्ड टाइप मैन्युअल-वे ब्रिज नहीं था। अधिशासी निदेशक को इस संबंध में एक सप्ताह के भीतर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
उधर सहायक कृषि अधिकारी कार्यालय हर्रावाला के काउंटर स्केल (तौल यंत्र) की जांच की गई। जिसमें तौल यंत्र सत्यापित नहीं पाया गया। इसके साथ ही इस कार्यालय में विभिन्न कंपनियों के कीटनाशक और खाद बिक रहे थे। इन पर पैकेटों पर वस्तु नियमावली 2011 के नियमों के अनुसार आवश्यक सूचनाएं नहीं थी। इस तरह कार्यालय को भी चेतावनी दी गई है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। बाट-माप विभाग ने हर्रावाला गन्ना तौल केंद्र पर बड़ी घटतौली पकड़ी है। यहां 50 किलोग्राम भार को कांटा महज 30 किलोग्राम ही दर्शाते पाया गया। ऐसे में किसानों का 40 फीसदी तक गन्ना हड़पा जा रहा था। इस आधार पर विभाग ने कांटे को अवैध घोषित कर दिया है। इसके साथ ही चीनी मिल डोईवाला में भी वैधानिक भार बाट नहीं थे। विभाग ने मिल प्रबंधन को चेतावनी देते हुए जल्द व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
बाट-माप विभाग के संयुक्त नियंत्रक कृष्ण कुमार शर्मा के निर्देश पर विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक अमित कुमार सिंह ने बताया कि टीम के साथ हर्रावाला गन्ना क्रय केंद्र पर छापा मारा। यहां तौल कांटे पर जब 50 किलोग्राम का बाट रखा गया तो केवल 30 किलोग्राम ही दर्शाया गया। इसके साथ ही वहां आवश्यक रूप से परीक्षण के लिए रखे जाने वाले 500 किलोग्राम के बाट भी नहीं पाए गए। यहां बड़ी मात्रा में किसानों से गन्ना ज्यादा लिया जा रहा था। एक क्विंटल गन्ने पर उन्हें तकरीबन 120 रुपये का नुकसान दिया जा रहा था। इस कांटे को अवैध घोषित कर दिया है। इसके बाद चीनी मिल डोईवाला के तौल केंद्र पर भी छापेमारी की गई। वहां आवश्यक रूप से रखे जाने वाले 15 टन भार के बाट उपलब्ध ही नहीं थे। इसके साथ ही वहां स्टील यार्ड टाइप मैन्युअल-वे ब्रिज नहीं था। अधिशासी निदेशक को इस संबंध में एक सप्ताह के भीतर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
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उधर सहायक कृषि अधिकारी कार्यालय हर्रावाला के काउंटर स्केल (तौल यंत्र) की जांच की गई। जिसमें तौल यंत्र सत्यापित नहीं पाया गया। इसके साथ ही इस कार्यालय में विभिन्न कंपनियों के कीटनाशक और खाद बिक रहे थे। इन पर पैकेटों पर वस्तु नियमावली 2011 के नियमों के अनुसार आवश्यक सूचनाएं नहीं थी। इस तरह कार्यालय को भी चेतावनी दी गई है।
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