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डेडलाइन बीती, नहीं गठित हुई एसआईटी
Updated Thu, 20 Sep 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
हाईकोर्ट के बीते 19 जून को स्पेशल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (साडा) क्षेत्र में अतिक्रमण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और तीन महीने में एसआईटी गठित करने के आदेश के बाद भी एसआईटी गठित नहीं हुई।
राजधानी में मौजूद अतिक्रमण हटाने को लेकर बीते 18 और 19 जून को हाईकोर्ट दो अहम निर्णय दिए थे। 18 को दिए आदेश में हाईकोर्ट ने शहर में मौजूद अतिक्रमण को चार सप्ताह में हटाने के आदेश दिए थे। वहीं, इसके अगले दिन हाईकोर्ट ने साडा क्षेत्र के तहत हरबर्टपुर, विकासनगर और दून टाउन से लगे इलाकों में अवैध निर्माण के जिम्मेदार अफसरों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। साथ ही आठ सप्ताह में मुकदमा दर्ज करने तथा आदेश के तीन महीने के भीतर एसआईटी गठित करने के भी आदेश दिए थे। लेकिन सरकार ने शुरुआत से ही मामले में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। यही कारण है कि डेडलाइन बीतने के बाद भी अभी तक एसआईटी गठित नहीं हो पाई है। मामले की जांच कर रहे गढ़वाल कमिश्नर शैलेष बगौली भी शासन को पत्र लिखकर एसआईटी गठित करने का प्रस्ताव भेज चुके हैं। ऐसे में शासन की मंशा पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
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मामले में एसआईटी जांच कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। - शैलेष बगौली, गढ़वाल कमिश्नर
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हाईकोर्ट के बीते 19 जून को स्पेशल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (साडा) क्षेत्र में अतिक्रमण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और तीन महीने में एसआईटी गठित करने के आदेश के बाद भी एसआईटी गठित नहीं हुई।
राजधानी में मौजूद अतिक्रमण हटाने को लेकर बीते 18 और 19 जून को हाईकोर्ट दो अहम निर्णय दिए थे। 18 को दिए आदेश में हाईकोर्ट ने शहर में मौजूद अतिक्रमण को चार सप्ताह में हटाने के आदेश दिए थे। वहीं, इसके अगले दिन हाईकोर्ट ने साडा क्षेत्र के तहत हरबर्टपुर, विकासनगर और दून टाउन से लगे इलाकों में अवैध निर्माण के जिम्मेदार अफसरों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। साथ ही आठ सप्ताह में मुकदमा दर्ज करने तथा आदेश के तीन महीने के भीतर एसआईटी गठित करने के भी आदेश दिए थे। लेकिन सरकार ने शुरुआत से ही मामले में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। यही कारण है कि डेडलाइन बीतने के बाद भी अभी तक एसआईटी गठित नहीं हो पाई है। मामले की जांच कर रहे गढ़वाल कमिश्नर शैलेष बगौली भी शासन को पत्र लिखकर एसआईटी गठित करने का प्रस्ताव भेज चुके हैं। ऐसे में शासन की मंशा पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
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मामले में एसआईटी जांच कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। - शैलेष बगौली, गढ़वाल कमिश्नर