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24 घंटे और बिजली कटौती झेलने को तैयार रहिए
Updated Sat, 14 Jul 2018 02:01 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
राजधानी में बुधवार सुबह अतिवृष्टि के कारण बिंदाल बिजली घर से जुड़े पावर ट्रांसमिशन का टावर ढहने के तीन दिन बाद भी बिजली आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाई है। शुक्रवार को भी शहर के आधे से अधिक इलाके में लोग दिनभर बिजली की आंख मिचौली से परेशान रहे। हालांकि, माजरा, पुरुकुल और झाझरा सब स्टेशनों से वैकल्पिक व्यवस्था के तहत आपूर्ति देकर उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश की जा रही है। ऊर्जा निगम के अभियंताओं का कहना है कि बिजली आपूर्ति पूरी तरह सुचारु करने में अभी 24 घंटे का समय और लग सकता है।
भारी बारिश के चलते बुधवार सुबह बिंदाल नदी का जलस्तर बढ़ने से पावर ट्रांसमिशन का 132 केवी का टावर नदी में धाराशायी हो गया था। इससे बिंदाल पावर स्टेशन से जुड़े घंटाघर, बल्लूपुर चौक, कनॉट प्लेस, राजपुर रोड, तिलक रोड, चकराता रोड, डालनवाला और तहसील चौक समेत दो दर्जन से अधिक बड़े इलाके की आपूर्ति ठप हो गई। शहर के बीचोंबीच बिजली व्यवस्था ठप होने से यूपीसीएल और पिटकुल के अधिकारियों ने पावर सब स्टेशन झाझरा, माजरा और पुरकुल से आपूर्ति देने की कोशिश की, लेकिन लोड बढ़ने से संकट बढ़ गया। ऐसे में कई इलाकों में रोस्टिंग कर आपूर्ति की गई। बीते तीन दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित होने से शहरवासियों के सामने दिक्कत पैदा हो गई है।
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जमींदोज टावर की जगह नया टावर लगाया जा रहा है। उसे खड़ा करने में दो दिन का वक्त और लगेगा ऐसे में लोगों को 24 घंटे और बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा। हमारा प्रयास है कि टावर को जल्द से जल्द खड़ा कर दिया जाए ताकि बिजली आपूर्ति पूरी तरह दुरुस्त हो सके।
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-एके सिंह, मुख्य अभियंता, यूपीसीएल
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इमरजेंसी में आगरा से मंगाया गया टावर
पिटकुल के निदेशक (परिचालन) संजय मित्तल ने बताया कि बेहद कम समय में नया टावर तैयार करना आसान नहीं था। लिहाजा पावर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड से लोन पर टावर लिया गया है, जो आगरा से भेजा गया है। टावर शुक्रवार की सुबह देहरादून पहुंच गया है और विशेषज्ञों की टीम टावर खड़ा करने में जुटी है। उम्मीद है कि शनिवार को देर रात तक टावर खड़ा करने के बाद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर दी जाएगी।
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दून अस्पताल में मरीजों को परेशानी
बिजली आपूर्ति गड़बड़ाने से दून अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन ने जेनरेटर सेटों के जरिये आपूर्ति की कोशिश की, लेकिन लेबर रूम का जेनरेटर खराब होने से परेशानी बढ़ गई। ऐसे में लेबर रूम में काफी देर कामकाज ठप रहा। आखिरकार एमएस डॉ. केसी पंत ने दूसरे जेनरेटर सेट की व्यवस्था कराई तब जाकर काम शुरू हुआ। दिनभर जेनरेटर की आवाज से भी भर्ती मरीज परेशान रहे।
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राजधानी में बुधवार सुबह अतिवृष्टि के कारण बिंदाल बिजली घर से जुड़े पावर ट्रांसमिशन का टावर ढहने के तीन दिन बाद भी बिजली आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाई है। शुक्रवार को भी शहर के आधे से अधिक इलाके में लोग दिनभर बिजली की आंख मिचौली से परेशान रहे। हालांकि, माजरा, पुरुकुल और झाझरा सब स्टेशनों से वैकल्पिक व्यवस्था के तहत आपूर्ति देकर उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश की जा रही है। ऊर्जा निगम के अभियंताओं का कहना है कि बिजली आपूर्ति पूरी तरह सुचारु करने में अभी 24 घंटे का समय और लग सकता है।
भारी बारिश के चलते बुधवार सुबह बिंदाल नदी का जलस्तर बढ़ने से पावर ट्रांसमिशन का 132 केवी का टावर नदी में धाराशायी हो गया था। इससे बिंदाल पावर स्टेशन से जुड़े घंटाघर, बल्लूपुर चौक, कनॉट प्लेस, राजपुर रोड, तिलक रोड, चकराता रोड, डालनवाला और तहसील चौक समेत दो दर्जन से अधिक बड़े इलाके की आपूर्ति ठप हो गई। शहर के बीचोंबीच बिजली व्यवस्था ठप होने से यूपीसीएल और पिटकुल के अधिकारियों ने पावर सब स्टेशन झाझरा, माजरा और पुरकुल से आपूर्ति देने की कोशिश की, लेकिन लोड बढ़ने से संकट बढ़ गया। ऐसे में कई इलाकों में रोस्टिंग कर आपूर्ति की गई। बीते तीन दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित होने से शहरवासियों के सामने दिक्कत पैदा हो गई है।
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जमींदोज टावर की जगह नया टावर लगाया जा रहा है। उसे खड़ा करने में दो दिन का वक्त और लगेगा ऐसे में लोगों को 24 घंटे और बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा। हमारा प्रयास है कि टावर को जल्द से जल्द खड़ा कर दिया जाए ताकि बिजली आपूर्ति पूरी तरह दुरुस्त हो सके।
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-एके सिंह, मुख्य अभियंता, यूपीसीएल
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इमरजेंसी में आगरा से मंगाया गया टावर
पिटकुल के निदेशक (परिचालन) संजय मित्तल ने बताया कि बेहद कम समय में नया टावर तैयार करना आसान नहीं था। लिहाजा पावर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड से लोन पर टावर लिया गया है, जो आगरा से भेजा गया है। टावर शुक्रवार की सुबह देहरादून पहुंच गया है और विशेषज्ञों की टीम टावर खड़ा करने में जुटी है। उम्मीद है कि शनिवार को देर रात तक टावर खड़ा करने के बाद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर दी जाएगी।
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दून अस्पताल में मरीजों को परेशानी
बिजली आपूर्ति गड़बड़ाने से दून अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन ने जेनरेटर सेटों के जरिये आपूर्ति की कोशिश की, लेकिन लेबर रूम का जेनरेटर खराब होने से परेशानी बढ़ गई। ऐसे में लेबर रूम में काफी देर कामकाज ठप रहा। आखिरकार एमएस डॉ. केसी पंत ने दूसरे जेनरेटर सेट की व्यवस्था कराई तब जाकर काम शुरू हुआ। दिनभर जेनरेटर की आवाज से भी भर्ती मरीज परेशान रहे।