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दुनिया की सबसे खूबसूरत रचना हैं बच्चे : नवानी
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
धाद की ओर से आयोजित एक माह के फूलदेई अभियान का शनिवार को समापन हो गया। समापन पर माह भर विभिन्न गतिविधियों में शामिल रहे छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए सम्मानित किया गया।
नगर निगम सभागार में आयोजित कार्यक्रम में धाद के केंद्रीय अध्यक्ष लोकेश नवानी ने कहा कि बच्चे प्रकृति की सबसे खूबसूरत कृति हैं। उनसे जुड़े त्योहारों का एक अलग महत्व है। उन्होंने बताया कि एक माह तक चले फूलदेई अभियान के दौरान धाद ने प्रदेश के एक हजार से अधिक स्कूलों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया। छात्र-छात्राओं के लिए थिएटर वर्कशॉप, वॉल पेंटिंग, बाल कवि सम्मेलन, कथा-कहानी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
महासचिव तन्मय ममगाईं ने बताया कि कोना कक्षा का अभियान के साथ मेरा गांव-मेरा स्कूल को जोड़ा जा रहा है। इसके तहत संस्था लोगों से अपने स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए सहयोग की अपील कर रही है। धाद शैक्षिक एकांश के अध्यक्ष राजीव पांथरी ने बताया कि कक्षा कोना का अभियान की शुरुआत दून के 380 स्कूलों से हुई थी, जो आज राज्य के सात जिलों के हजारों स्कूलों तक पहुंच चुकी है।
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इस अवसर पर साहित्य एकांश के प्रभारी सुनील भट्ट, रविंद्र नेगी, बीरेश कुमार, डीसी नौटियाल, माथुरी बर्थवाल, किशन सिंह, विजय जुयाल, मंजू काला, जयंत नवानी समेत अन्य मौजूद रहे।
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धाद की ओर से आयोजित एक माह के फूलदेई अभियान का शनिवार को समापन हो गया। समापन पर माह भर विभिन्न गतिविधियों में शामिल रहे छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए सम्मानित किया गया।
नगर निगम सभागार में आयोजित कार्यक्रम में धाद के केंद्रीय अध्यक्ष लोकेश नवानी ने कहा कि बच्चे प्रकृति की सबसे खूबसूरत कृति हैं। उनसे जुड़े त्योहारों का एक अलग महत्व है। उन्होंने बताया कि एक माह तक चले फूलदेई अभियान के दौरान धाद ने प्रदेश के एक हजार से अधिक स्कूलों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया। छात्र-छात्राओं के लिए थिएटर वर्कशॉप, वॉल पेंटिंग, बाल कवि सम्मेलन, कथा-कहानी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
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महासचिव तन्मय ममगाईं ने बताया कि कोना कक्षा का अभियान के साथ मेरा गांव-मेरा स्कूल को जोड़ा जा रहा है। इसके तहत संस्था लोगों से अपने स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए सहयोग की अपील कर रही है। धाद शैक्षिक एकांश के अध्यक्ष राजीव पांथरी ने बताया कि कक्षा कोना का अभियान की शुरुआत दून के 380 स्कूलों से हुई थी, जो आज राज्य के सात जिलों के हजारों स्कूलों तक पहुंच चुकी है।
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इस अवसर पर साहित्य एकांश के प्रभारी सुनील भट्ट, रविंद्र नेगी, बीरेश कुमार, डीसी नौटियाल, माथुरी बर्थवाल, किशन सिंह, विजय जुयाल, मंजू काला, जयंत नवानी समेत अन्य मौजूद रहे।