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शराबी पर्यटकों ने बढ़ायी राजाजी पार्क अफसरों , कर्मचारियों की मुसीबत
Updated Sat, 10 Nov 2018 02:16 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। शराबी पर्यटकों से राजाजी टाइगर रिजर्व के अधिकारी और कर्मचारी परेशान हैं। आए दिन कोई न कोई पर्यटक नशे में धुत होकर मोतीचूर से नेपाली फार्म तक टाइगर रिजर्व के बीच से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे पड़ा मिल रहा है। पिछले एक माह में 50 से अधिक पर्यटकों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया।
मोतीचूर रेंज के रेंजर प्रमोद ध्यानी ने बताया कि दिल्ली, हरियाणा, पंजाब से आने वाले अधिकतर पर्यटक शराब के नशे में धुत होकर जंगली जानवरों को देखने राजमार्ग किनारे पहुंच जा रहे हैं। उसके बाद वह वहीं बेसुध होकर पड़ जाते हैं। इससे इन पर गुलदार और हाथियों के हमले का खतरा बना रहता है। पिछले एक माह के भीतर 50 से अधिक शराबी पर्यटकों को पार्क के वाहनों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। जबकि पिछले तीन साल के भीतर मोतीचूर से नेपाली फार्म के बीच शौच के लिए रुके विभिन्न वाहनों के चालकों पर कई बार गुलदार हमला कर चुके हैं। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक मोनिष मल्लिकम का कहना है कि पर्यटक पार्क क्षेत्र में न जा पाए इसके लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
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देहरादून। शराबी पर्यटकों से राजाजी टाइगर रिजर्व के अधिकारी और कर्मचारी परेशान हैं। आए दिन कोई न कोई पर्यटक नशे में धुत होकर मोतीचूर से नेपाली फार्म तक टाइगर रिजर्व के बीच से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे पड़ा मिल रहा है। पिछले एक माह में 50 से अधिक पर्यटकों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया।
मोतीचूर रेंज के रेंजर प्रमोद ध्यानी ने बताया कि दिल्ली, हरियाणा, पंजाब से आने वाले अधिकतर पर्यटक शराब के नशे में धुत होकर जंगली जानवरों को देखने राजमार्ग किनारे पहुंच जा रहे हैं। उसके बाद वह वहीं बेसुध होकर पड़ जाते हैं। इससे इन पर गुलदार और हाथियों के हमले का खतरा बना रहता है। पिछले एक माह के भीतर 50 से अधिक शराबी पर्यटकों को पार्क के वाहनों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। जबकि पिछले तीन साल के भीतर मोतीचूर से नेपाली फार्म के बीच शौच के लिए रुके विभिन्न वाहनों के चालकों पर कई बार गुलदार हमला कर चुके हैं। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक मोनिष मल्लिकम का कहना है कि पर्यटक पार्क क्षेत्र में न जा पाए इसके लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
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