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फिर खुल सकती है अवैध खनन की जांच फाइल
Updated Tue, 25 Sep 2018 12:47 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
हरिद्वार वन प्रभाग की खानपुर रेंज में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर हुए खनन की जांच फाइल दोबारा खुल सकती है। अधिकारियों की संलिप्ता और ठीक प्रकार से जांच होने की पीपुल्स फॉर एनीमल्स संस्था ने डीएफओ से शिकायत की है। फाइल खोलने के बाद यदि जांच फिर से की गई तो खानपुर रेंज के कई वनकर्मियों पर गाज गिर सकती है।
बीते वर्ष रोशनाबाद से अन्नेकि होते हुए बिहारीगढ़ जाने वाले मार्ग का चौड़ीकरण किया जा रहा था। आरोप था कि कार्यदायी संस्था की ओर से हरिद्वार वन प्रभाग की खानपुर रेंज के आरक्षित वन क्षेत्र से अवैध रूप से खनन कर सड़क के भरान में खनन सामग्री उपयोग में लाई गई। अवैध खनन का ये काम दो महीने तक धड़ल्ले से चलता रहा। पीपुल्स फॉर एनीमल्स संस्था ने प्रमुख सचिव, प्रमुख वन संरक्षक और मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल से शिकायत की गई। शिकायत के बादजांच बैठाई गई। आरोप है कि अधिकारियों से सांठगांठ कर एक अभियुक्त पर 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जिसके बाद मामले की फाइल को बंद कर दिया गया। कार्रवाई से असंतुष्ट होकर पीपुल्स फॉर एनीमल्स संस्था के हरिद्वार यूनिट प्रभारी आदित्य शर्मा ने डीएफओ से फिर से जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की। आदित्य शर्मा ने कहा कि यदि जुर्माना उनकी शिकायत के बाद लगाया गया है तो उससे पहले विभाग ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। उन्होंने कहा कि वनकर्मियों की संलिप्ता के बगैर खुलेआम खनन नहीं किया जा सकता। डीएफओ आकाश वर्मा ने बताया कि एक बार जांच की जा चुकी है, लेकिन फिर शिकायत की गई है। एक बार फाइल को फिर देखा जाएगा। रिश्वत लेने पर निलंबित चल रहे डिप्टी रेंजर अजय ध्यानी की तैनाती उस दौरान खानपुर रेंज में थी। उन पर भी खनन माफियाओं के साथ संलिप्ता का आरोप लगा था। यदि अब जांच फिर से होती है तो अजय ध्यानी भी अधिकारियों की रडार पर आ सकते हैं।
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हरिद्वार वन प्रभाग की खानपुर रेंज में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर हुए खनन की जांच फाइल दोबारा खुल सकती है। अधिकारियों की संलिप्ता और ठीक प्रकार से जांच होने की पीपुल्स फॉर एनीमल्स संस्था ने डीएफओ से शिकायत की है। फाइल खोलने के बाद यदि जांच फिर से की गई तो खानपुर रेंज के कई वनकर्मियों पर गाज गिर सकती है।
बीते वर्ष रोशनाबाद से अन्नेकि होते हुए बिहारीगढ़ जाने वाले मार्ग का चौड़ीकरण किया जा रहा था। आरोप था कि कार्यदायी संस्था की ओर से हरिद्वार वन प्रभाग की खानपुर रेंज के आरक्षित वन क्षेत्र से अवैध रूप से खनन कर सड़क के भरान में खनन सामग्री उपयोग में लाई गई। अवैध खनन का ये काम दो महीने तक धड़ल्ले से चलता रहा। पीपुल्स फॉर एनीमल्स संस्था ने प्रमुख सचिव, प्रमुख वन संरक्षक और मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल से शिकायत की गई। शिकायत के बादजांच बैठाई गई। आरोप है कि अधिकारियों से सांठगांठ कर एक अभियुक्त पर 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जिसके बाद मामले की फाइल को बंद कर दिया गया। कार्रवाई से असंतुष्ट होकर पीपुल्स फॉर एनीमल्स संस्था के हरिद्वार यूनिट प्रभारी आदित्य शर्मा ने डीएफओ से फिर से जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की। आदित्य शर्मा ने कहा कि यदि जुर्माना उनकी शिकायत के बाद लगाया गया है तो उससे पहले विभाग ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। उन्होंने कहा कि वनकर्मियों की संलिप्ता के बगैर खुलेआम खनन नहीं किया जा सकता। डीएफओ आकाश वर्मा ने बताया कि एक बार जांच की जा चुकी है, लेकिन फिर शिकायत की गई है। एक बार फाइल को फिर देखा जाएगा। रिश्वत लेने पर निलंबित चल रहे डिप्टी रेंजर अजय ध्यानी की तैनाती उस दौरान खानपुर रेंज में थी। उन पर भी खनन माफियाओं के साथ संलिप्ता का आरोप लगा था। यदि अब जांच फिर से होती है तो अजय ध्यानी भी अधिकारियों की रडार पर आ सकते हैं।
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