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दिशा-निर्देशों को गंभीरता से नहीं ले रहे कई अफसर
Updated Wed, 23 May 2018 01:52 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष हरपाल साथी के अनुसार राज्य में कई अफसर आयोग के दिशा-निर्देशोें के अनुपालन में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। इसी समाज के संबंधित वर्ग को सरकार की योजनाओं के लाभ नहीं मिल पा रहा है।
आयोग अध्यक्ष हरपाल साथी अपनी तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के उपलक्ष्य में मंगलवार को ईसी रोड स्थित कार्यालय में मीडिया से रूबरू थे। इस दौरान उन्होेंने अपने कार्यकाल के दौरान किए गए उल्लेखनीय कार्य मीडिया से साझा किए। आयोग अध्यक्ष ने कहा कि कई अधिकारी अनुसूचित जाति से संबंधित प्रकरणों में गंभीरता नहीं दिखाते और इसके लिए सरकार को अपने स्तर पर संज्ञान लेना चाहिए। साथ ही नए अध्यक्ष की तत्काल नियुक्ति पर जोर दिया। हरपाल साथी के अनुसार उनके कार्यकाल के दौरान साल 2015-16 में कुल 503 प्रकरण प्राप्त हुए। इनमें 336 प्रकरणों को निस्तारित किया गया। जबकि साल 2016-17 में 377 प्रकरणों के सापेक्ष 159 तथा साल 2017-18 के 311 में 162 को निस्तारित किया गया। इस अवसर पर राज्य अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य डीके आर्य, विधिक सलाहकार देव सिंह, सचिव जीआर नौटियाल समेत आयोग के कई अधिकारी उपस्थित रहे।
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उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष हरपाल साथी के अनुसार राज्य में कई अफसर आयोग के दिशा-निर्देशोें के अनुपालन में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। इसी समाज के संबंधित वर्ग को सरकार की योजनाओं के लाभ नहीं मिल पा रहा है।
आयोग अध्यक्ष हरपाल साथी अपनी तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के उपलक्ष्य में मंगलवार को ईसी रोड स्थित कार्यालय में मीडिया से रूबरू थे। इस दौरान उन्होेंने अपने कार्यकाल के दौरान किए गए उल्लेखनीय कार्य मीडिया से साझा किए। आयोग अध्यक्ष ने कहा कि कई अधिकारी अनुसूचित जाति से संबंधित प्रकरणों में गंभीरता नहीं दिखाते और इसके लिए सरकार को अपने स्तर पर संज्ञान लेना चाहिए। साथ ही नए अध्यक्ष की तत्काल नियुक्ति पर जोर दिया। हरपाल साथी के अनुसार उनके कार्यकाल के दौरान साल 2015-16 में कुल 503 प्रकरण प्राप्त हुए। इनमें 336 प्रकरणों को निस्तारित किया गया। जबकि साल 2016-17 में 377 प्रकरणों के सापेक्ष 159 तथा साल 2017-18 के 311 में 162 को निस्तारित किया गया। इस अवसर पर राज्य अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य डीके आर्य, विधिक सलाहकार देव सिंह, सचिव जीआर नौटियाल समेत आयोग के कई अधिकारी उपस्थित रहे।
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