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फोटो- सिटी में सीएम फोटो के नाम से तस्वीरें हैं-
Updated Sat, 03 Feb 2018 01:32 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को सियोल, दक्षिण कोरिया में अंतरराष्ट्रीय धर्म संसद व शांति सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व कर लौटे स्वामी हरि चैतन्यपुरी का स्वागत व सम्मान किया। उन्होंने स्वामी हरि चेतन्यपुरी का स्वागत करते हुए कहा कि स्वामी जी ने सियोल में भारतीय आध्यात्म, जीवन दर्शन एवं सांस्कृतिक विरासत पर किये गए उद्बोधन से विश्वपटल पर भारत के समृद्ध ज्ञान की पहचान हुई है। सम्मेलन में निर्धारित दो मिनट का समय के बावजूद स्वामी को 8.5 मिनट तक एक से अधिक बार संबोधन का मौका मिला, जो विश्व में भारतीय जीवन दर्शन के प्रति लोगों के आकर्षण का भी प्रतीक है।
सीएम ने कहा कि जब भी भारतीय संत भारतीयता को लेकर दुनिया के देशों में गए तो दुनिया नतमस्तक हुई है। भारतीय धर्म ध्वजा लेकर जब विवेकानंद शिकागो गए तो तब वे दुनिया के सामने अंजान थे लेकिन जब उन्होंने अपने विचार व्यक्त किए तो समय सीमा की दीवार ही नहीं टूटी बल्कि वे बोलते गए तथा उपस्थित विश्व के प्रतिनिधि सुनते रहे। यही नेक कार्य स्वामी विवेकानंद के बाद स्वामी हरि चैतन्यपुरी ने सियोल में किया है। उन्होंने कहा कि भारत की धर्म ध्वजा को सियोल में फ हराने वाले संत का देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत है।
इस मौके पर स्वामी हरि चैतन्यपुरी ने कहा कि उन्होंने भारत का गौरव नही बढ़ाया बल्कि भारत में जन्म लेकर उनका गौरव बढ़ा है। उन्होंने उत्तराखंड को देवभूमि, गंगा यमुना का उद्गम स्थल तथा भारतीय संस्कृति को सम्मान देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि कोशिश करने वालो की कभी हार नही होती। हमें प्रण करना होगा की हमें कुछ करके दिखाना है। यदि हमारे अंदर कुछ करने की चाह हो तो कुछ भी असंभव नही होता। भारतीय संस्कृति को अपनाने तथा पाश्चात्य सभ्यता का अंधानुकरण बंद करने की उन्होंने सीख दी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि स्वामी हरि चैतन्यपुरी ने विश्व में भारत का गौरव बढ़ाया है। इस मौके पर सीएम के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, सचिव ऊर्जा राधिका झा, सचिव सूचना डा. पंकज पांडेय आदि मौजूद रहे।
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मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को सियोल, दक्षिण कोरिया में अंतरराष्ट्रीय धर्म संसद व शांति सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व कर लौटे स्वामी हरि चैतन्यपुरी का स्वागत व सम्मान किया। उन्होंने स्वामी हरि चेतन्यपुरी का स्वागत करते हुए कहा कि स्वामी जी ने सियोल में भारतीय आध्यात्म, जीवन दर्शन एवं सांस्कृतिक विरासत पर किये गए उद्बोधन से विश्वपटल पर भारत के समृद्ध ज्ञान की पहचान हुई है। सम्मेलन में निर्धारित दो मिनट का समय के बावजूद स्वामी को 8.5 मिनट तक एक से अधिक बार संबोधन का मौका मिला, जो विश्व में भारतीय जीवन दर्शन के प्रति लोगों के आकर्षण का भी प्रतीक है।
सीएम ने कहा कि जब भी भारतीय संत भारतीयता को लेकर दुनिया के देशों में गए तो दुनिया नतमस्तक हुई है। भारतीय धर्म ध्वजा लेकर जब विवेकानंद शिकागो गए तो तब वे दुनिया के सामने अंजान थे लेकिन जब उन्होंने अपने विचार व्यक्त किए तो समय सीमा की दीवार ही नहीं टूटी बल्कि वे बोलते गए तथा उपस्थित विश्व के प्रतिनिधि सुनते रहे। यही नेक कार्य स्वामी विवेकानंद के बाद स्वामी हरि चैतन्यपुरी ने सियोल में किया है। उन्होंने कहा कि भारत की धर्म ध्वजा को सियोल में फ हराने वाले संत का देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत है।
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इस मौके पर स्वामी हरि चैतन्यपुरी ने कहा कि उन्होंने भारत का गौरव नही बढ़ाया बल्कि भारत में जन्म लेकर उनका गौरव बढ़ा है। उन्होंने उत्तराखंड को देवभूमि, गंगा यमुना का उद्गम स्थल तथा भारतीय संस्कृति को सम्मान देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि कोशिश करने वालो की कभी हार नही होती। हमें प्रण करना होगा की हमें कुछ करके दिखाना है। यदि हमारे अंदर कुछ करने की चाह हो तो कुछ भी असंभव नही होता। भारतीय संस्कृति को अपनाने तथा पाश्चात्य सभ्यता का अंधानुकरण बंद करने की उन्होंने सीख दी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि स्वामी हरि चैतन्यपुरी ने विश्व में भारत का गौरव बढ़ाया है। इस मौके पर सीएम के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, सचिव ऊर्जा राधिका झा, सचिव सूचना डा. पंकज पांडेय आदि मौजूद रहे।
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