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आठ किलोमीटर के दायरे में रहेंगे शिक्षक
Updated Tue, 20 Jun 2017 11:47 PM IST
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हरिद्वार।
सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के देर से पहुंचने की शिकायतों पर विभाग अब गंभीर हो गया है। शिक्षकों के लिए स्कूल से आठ किलोमीटर के दायरे में निवास करने का नियम सख्ती से लागू करने की तैयारी है। इससे पहले स्कूलों से सभी शिक्षकों के निवास स्थान की जानकारी जुटाई जा रही है। विभाग की तरफ से इस बाबत स्कूलों का चिट्ठी भेजी गई है।
सरकारी स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था की दशा और दिशा सुधारने के लिए शासन के आदेश पर समय समय पर औचक निरीक्षण किए जाते हैं। इनमें संसाधनों की कमी या अन्य कारणों के साथ ही शिक्षकों की लापरवाही भी लगातार सामने आ रही है। बड़ी संख्या में शिक्षक ऐसे हैं जो आसपास के शहर कस्बों से ड्यूटी करने स्कूल पहुंचते हैं। लंबा सफर तय करने पर अक्सर शिक्षक स्कूल पहुंचने में लेट हो जाते हैं। पिछले दिनों अधिकारियों के निरीक्षण में कई स्कूल ऐसे भी पाए गए, जहां स्कूल खुलने के लिए बच्चे शिक्षकों का इंतजार करते पाए गए। शिक्षामंत्री अरविंद पांडेय के निर्देश पर विभाग अब शिक्षकों की लापरवाही पर लगाम लगाने में जुट गया है। जनपद के सभी ब्लॉकों में उप शिक्षा अधिकारियों की ओर से स्कूलों को चिट्ठी भेजी गई है। जिसमें स्कूल के प्रधानाध्यापक से स्कूल में तैनात शिक्षकों के निवास स्थान की जानकारी मांगी गई है। आंकड़े जुटाने के बाद शिक्षकों के लिए आठ किलोमीटर के दायरे में निवास स्थान की गाइड लाइन जारी की जाएगी।
बहादराबाद उप शिक्षा अधिकारी सुमन अग्रवाल ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि शिक्षकों के निवास स्थान के बारे में जानकारी जुटाने के लिए सभी स्कूलों को चिट्ठी भेजी गई है। एक जुलाई को स्कूल खुलने के बाद ही इस संबंध में जानकारी मिल पाएगी। जिसके बाद यह सुनिश्चित कराया जाएगा कि कोई भी शिक्षक स्कूल से आठ किलोमीटर के दायरे से बाहर निवास न करे। विभाग का प्रयास है कि शिक्षकों की जो ऊर्जा घर से स्कूल आने जाने में खर्च होती है, उसका सदुपयोग करते हुए विद्यालय में समय से पहुंचे।
सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के देर से पहुंचने की शिकायतों पर विभाग अब गंभीर हो गया है। शिक्षकों के लिए स्कूल से आठ किलोमीटर के दायरे में निवास करने का नियम सख्ती से लागू करने की तैयारी है। इससे पहले स्कूलों से सभी शिक्षकों के निवास स्थान की जानकारी जुटाई जा रही है। विभाग की तरफ से इस बाबत स्कूलों का चिट्ठी भेजी गई है।
सरकारी स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था की दशा और दिशा सुधारने के लिए शासन के आदेश पर समय समय पर औचक निरीक्षण किए जाते हैं। इनमें संसाधनों की कमी या अन्य कारणों के साथ ही शिक्षकों की लापरवाही भी लगातार सामने आ रही है। बड़ी संख्या में शिक्षक ऐसे हैं जो आसपास के शहर कस्बों से ड्यूटी करने स्कूल पहुंचते हैं। लंबा सफर तय करने पर अक्सर शिक्षक स्कूल पहुंचने में लेट हो जाते हैं। पिछले दिनों अधिकारियों के निरीक्षण में कई स्कूल ऐसे भी पाए गए, जहां स्कूल खुलने के लिए बच्चे शिक्षकों का इंतजार करते पाए गए। शिक्षामंत्री अरविंद पांडेय के निर्देश पर विभाग अब शिक्षकों की लापरवाही पर लगाम लगाने में जुट गया है। जनपद के सभी ब्लॉकों में उप शिक्षा अधिकारियों की ओर से स्कूलों को चिट्ठी भेजी गई है। जिसमें स्कूल के प्रधानाध्यापक से स्कूल में तैनात शिक्षकों के निवास स्थान की जानकारी मांगी गई है। आंकड़े जुटाने के बाद शिक्षकों के लिए आठ किलोमीटर के दायरे में निवास स्थान की गाइड लाइन जारी की जाएगी।
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बहादराबाद उप शिक्षा अधिकारी सुमन अग्रवाल ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि शिक्षकों के निवास स्थान के बारे में जानकारी जुटाने के लिए सभी स्कूलों को चिट्ठी भेजी गई है। एक जुलाई को स्कूल खुलने के बाद ही इस संबंध में जानकारी मिल पाएगी। जिसके बाद यह सुनिश्चित कराया जाएगा कि कोई भी शिक्षक स्कूल से आठ किलोमीटर के दायरे से बाहर निवास न करे। विभाग का प्रयास है कि शिक्षकों की जो ऊर्जा घर से स्कूल आने जाने में खर्च होती है, उसका सदुपयोग करते हुए विद्यालय में समय से पहुंचे।
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