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सुविधाओं को तरस रहे ढालिया गांव के लोग
Updated Tue, 20 Jun 2017 10:23 PM IST
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बड़कोट। ग्राम पंचायत पौंटी के अंतर्गत अनुसूचित जाति के 22 परिवारों के ढालिया गांव के ग्रामीण आजादी के दशकों बाद भी सड़क, स्वास्थ्य, दूरसंचार सुविधा से वंचित हैं। ग्रामीणों को रोजमर्रा की खरीददारी के लिए आठ किमी के दुर्गम जंगली रास्ते से होकर तहसील मुख्यालय बड़कोट आना-जाना पड़ता है।
ढालिया गांव के वार्ड सदस्य ज्ञानी लाल, सुनी लाल, रती लाल कहते है कि 90 के दशक में आंदोलन के बाद तत्कालीन पर्वतीय विकास मंत्री बर्फिया लाल जुवांठा व ब्लॉक प्रमुख राजेंद्र सिंह रावत के प्रयासों से बेसिक स्कूल खुला था, लेकिन आज तक मूलभूत सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। उन्होंने बताया कि गांव में पिछले तीन वर्ष से पेयजल लाइन ठप पड़ी है। ग्रामीण प्राकृतिक जल स्रोत से प्यास बुझा रहे हैं। सड़क सुविधा नहीं होने से उनकी नकदी फसलें चौलाई, आलू, दाल आदि फसलें बाजार तक नहीं पहुंच पाती है। अधिकांश पैंसा भाडे़ में चले जाता है। इधर, लोनिवि के एई पीएल डोभाल कहते हैं कि ढालिया गांव के लिए जिला योजना से चार किमी सड़क हुई है, जिसका सर्वे करवाने की तैयारी चल रही है।
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ढालिया गांव के वार्ड सदस्य ज्ञानी लाल, सुनी लाल, रती लाल कहते है कि 90 के दशक में आंदोलन के बाद तत्कालीन पर्वतीय विकास मंत्री बर्फिया लाल जुवांठा व ब्लॉक प्रमुख राजेंद्र सिंह रावत के प्रयासों से बेसिक स्कूल खुला था, लेकिन आज तक मूलभूत सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। उन्होंने बताया कि गांव में पिछले तीन वर्ष से पेयजल लाइन ठप पड़ी है। ग्रामीण प्राकृतिक जल स्रोत से प्यास बुझा रहे हैं। सड़क सुविधा नहीं होने से उनकी नकदी फसलें चौलाई, आलू, दाल आदि फसलें बाजार तक नहीं पहुंच पाती है। अधिकांश पैंसा भाडे़ में चले जाता है। इधर, लोनिवि के एई पीएल डोभाल कहते हैं कि ढालिया गांव के लिए जिला योजना से चार किमी सड़क हुई है, जिसका सर्वे करवाने की तैयारी चल रही है।
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