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आयुर्वेद विवि में कार्यवाहक कुलसचिव तैनाती के आदेश
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ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। लगातार विवादों में चल रहे उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलसचिव पद को लेकर शुक्रवार को शासन ने चौथे कार्यवाहक कुलसचिव की तैनाती के आदेश जारी कर दिए। इससे पूर्व तीन कार्यवाहक कुलसचिवों के लिए भी पदभार ग्रहण करने के आदेश जारी किए थे, लेकिन व्यवस्थाओं को देखकर किसी ने ज्वाइनिंग नहीं दी।
आयुर्वेद विवि के स्थायी कुलसचिव डॉ. मृत्युंजय कुमार मिश्रा के निलंबन के बाद से बतौर प्रभारी कुलसचिव डॉ. राजेश कुमार विवि की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इनकी तैनाती को लेकर कई बार विवाद हुआ। विवादों से छुटकारा पाने के लिए सरकार ने बाहर से प्रभारी कुलसचिव नियुक्त करने के आदेश जारी किए। सबसे पहले वी. षणमुगम को प्रभारी कुलसचिव बनाया गया। लेकिन, उन्होंने कार्यभार ग्रहण नहीं किया। उसके बाद जीबी ओली को प्रभारी कुलसचिव बनाया गया, लेकिन उन्होंने भी ज्वाइन नहीं किया। उसके बाद शासन ने नासिर मोहम्मद को प्रभारी कुलसचिव तैनाती के आदेश जारी किए। लेकिन, व्यवस्थाओं को देखकर उन्होंने भी कार्यभार ग्रहण करने से हाथ खड़े कर दिए। डॉ. राजेश कुमार की तैनाती पर सवाल उठने के बाद अब शासन ने अपर जिलाधिकारी रामजी शरण शर्मा को आयुर्वेद विवि प्रभारी कुलसचिव की जिम्मेदारी सौंपी है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि शासन ने अभी तक जिन कुलसचिवों को जिम्मेदारी सौंपी है, वह केवल कागजी खानापूर्ति रही है। अब देखने वाली बात होगी कि चौथे प्रभारी कुलसचिव कार्यभार ग्रहण करते हैं या नहीं।
यह है विवाद
आयुर्वेद विवि में प्रभारी कुलसचिव डॉ. राजेश कुमार की तैनाती को नियम विरुद्ध माना गया था। इसके लिए उच्च न्यायालय में याचिका भी दाखिल की थी। इस पर उच्च न्यायालय भी निर्देश जारी कर चुका है। लिहाजा, शासन बार-बार उनकी जगह प्रभारी कुलसचिव तैनाती के आदेश जारी कर रहा है।
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देहरादून। लगातार विवादों में चल रहे उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलसचिव पद को लेकर शुक्रवार को शासन ने चौथे कार्यवाहक कुलसचिव की तैनाती के आदेश जारी कर दिए। इससे पूर्व तीन कार्यवाहक कुलसचिवों के लिए भी पदभार ग्रहण करने के आदेश जारी किए थे, लेकिन व्यवस्थाओं को देखकर किसी ने ज्वाइनिंग नहीं दी।
आयुर्वेद विवि के स्थायी कुलसचिव डॉ. मृत्युंजय कुमार मिश्रा के निलंबन के बाद से बतौर प्रभारी कुलसचिव डॉ. राजेश कुमार विवि की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इनकी तैनाती को लेकर कई बार विवाद हुआ। विवादों से छुटकारा पाने के लिए सरकार ने बाहर से प्रभारी कुलसचिव नियुक्त करने के आदेश जारी किए। सबसे पहले वी. षणमुगम को प्रभारी कुलसचिव बनाया गया। लेकिन, उन्होंने कार्यभार ग्रहण नहीं किया। उसके बाद जीबी ओली को प्रभारी कुलसचिव बनाया गया, लेकिन उन्होंने भी ज्वाइन नहीं किया। उसके बाद शासन ने नासिर मोहम्मद को प्रभारी कुलसचिव तैनाती के आदेश जारी किए। लेकिन, व्यवस्थाओं को देखकर उन्होंने भी कार्यभार ग्रहण करने से हाथ खड़े कर दिए। डॉ. राजेश कुमार की तैनाती पर सवाल उठने के बाद अब शासन ने अपर जिलाधिकारी रामजी शरण शर्मा को आयुर्वेद विवि प्रभारी कुलसचिव की जिम्मेदारी सौंपी है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि शासन ने अभी तक जिन कुलसचिवों को जिम्मेदारी सौंपी है, वह केवल कागजी खानापूर्ति रही है। अब देखने वाली बात होगी कि चौथे प्रभारी कुलसचिव कार्यभार ग्रहण करते हैं या नहीं।
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यह है विवाद
आयुर्वेद विवि में प्रभारी कुलसचिव डॉ. राजेश कुमार की तैनाती को नियम विरुद्ध माना गया था। इसके लिए उच्च न्यायालय में याचिका भी दाखिल की थी। इस पर उच्च न्यायालय भी निर्देश जारी कर चुका है। लिहाजा, शासन बार-बार उनकी जगह प्रभारी कुलसचिव तैनाती के आदेश जारी कर रहा है।
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