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अब बकरी के दूध से भी बनेगा पनीर
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
गाय व भैंस के दूध के साथ ही अब बकरी के दूध से भी पनीर बनाया जाएगा। इस योजना के तहत बकरी का दूध खरीदने के लिए जिलेभर में केेंद्र स्थापित किए जाएंगे। इससे बकरी पालन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। यह बात मंगलवार को विकास भवन सभागार में डेरी विकास, मत्स्य पालन एवं पशुपालन विभाग की समीक्षा बैठक में निकली।
इस दौरान जिलाधिकारी एसए मुरूगेशन ने संचालित योजनाओं की विभागवार समीक्षा की और दिशा निर्देश दिए। समीक्षा बैठक के दौरान डेरी विकास विभाग के सहायक निदेशक ने बताया कि आर्मी डेरी फार्म से मुहैया होने वाली गायें दुग्ध समिति से जुड़े किसानों को दी जा रही हैं। एक किसान को एक हजार रुपये प्रति गाय के हिसाब से पांच गायें दी जा रही हैं। अब तक जिले में 150 गायें किसानों को दी जा चुकी हैं। पशु पालन विभाग की ओर से बताया गया कि बकरी के दूध से पनीर बनाने के लिए योजना बनाने पर कार्रवाई जारी है। मत्स्य विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मुरुगेशन ने तालाब निर्माण, तालाब सुधार कार्यों में तेजी लाने, स्वीकृत कार्य जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। इसके अलावा दूरदराज क्षेत्र के पशुओं के उपचार के लिए समय समय पर शिविर लगाने और मोबाइल वैन से इलाज करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जीएस रावत, जिला विकास अधिकारी प्रदीप पांडेय, सहायक निदेशक डेरी विकास अनुराग मिश्र समेत कई विभागोें के अधिकारी उपस्थित रहे।
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गाय व भैंस के दूध के साथ ही अब बकरी के दूध से भी पनीर बनाया जाएगा। इस योजना के तहत बकरी का दूध खरीदने के लिए जिलेभर में केेंद्र स्थापित किए जाएंगे। इससे बकरी पालन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। यह बात मंगलवार को विकास भवन सभागार में डेरी विकास, मत्स्य पालन एवं पशुपालन विभाग की समीक्षा बैठक में निकली।
इस दौरान जिलाधिकारी एसए मुरूगेशन ने संचालित योजनाओं की विभागवार समीक्षा की और दिशा निर्देश दिए। समीक्षा बैठक के दौरान डेरी विकास विभाग के सहायक निदेशक ने बताया कि आर्मी डेरी फार्म से मुहैया होने वाली गायें दुग्ध समिति से जुड़े किसानों को दी जा रही हैं। एक किसान को एक हजार रुपये प्रति गाय के हिसाब से पांच गायें दी जा रही हैं। अब तक जिले में 150 गायें किसानों को दी जा चुकी हैं। पशु पालन विभाग की ओर से बताया गया कि बकरी के दूध से पनीर बनाने के लिए योजना बनाने पर कार्रवाई जारी है। मत्स्य विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मुरुगेशन ने तालाब निर्माण, तालाब सुधार कार्यों में तेजी लाने, स्वीकृत कार्य जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। इसके अलावा दूरदराज क्षेत्र के पशुओं के उपचार के लिए समय समय पर शिविर लगाने और मोबाइल वैन से इलाज करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जीएस रावत, जिला विकास अधिकारी प्रदीप पांडेय, सहायक निदेशक डेरी विकास अनुराग मिश्र समेत कई विभागोें के अधिकारी उपस्थित रहे।
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