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प्रसव के दौरान प्रसूता, तीमारदार से अभद्रता तो जाएगी नौकरी
Updated Wed, 18 Jul 2018 01:48 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
प्रसव के दौरान या बाद उपरांत प्रसूता और उसके तीमारदारों के साथ डॉक्टर व स्टाफ नर्स के द्वारा अभद्रता की शिकायत आने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह बात राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक युगल किशोर पंत ने मंगलवार को ‘लक्ष्य कार्यक्रम’ के कार्यक्रम के दौरान कही। इसके अलावा उन्होंने मातृ एवं शिशु देखभाल को बेहतर बनाने, प्रसव एवं ऑपरेशन थियेटर से संबंधित सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के निर्देश दिए।
‘लक्ष्य कार्यक्रम’ के तहत संभागीय प्रशिक्षण केंद्र चंदरनगर में आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ मिशन निदेशक युगल किशोर पंत ने किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों, चिकित्सकों तथा स्टाफ नर्स को गर्भवती को अच्छी और बेहतर सुविधाएं देने और प्रसूता व उसके तीमारदारों से सद्व्यवहार की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि सम्मानजनक मातृत्व देखभाल से मातृ-शिशु मृत्यु दर कम की जा सकती है। इसके अलावा उन्होंने ऑपरेशन कक्ष की सुविधाओं में गुणात्मक सुधार की जरूरत बताई। स्वास्थ्य विभाग की एनएचएम निदेशक डॉ. अंजलि नौटियाल ने केंद्र सरकार के ‘क्वालिटी एश्योरेंस कार्यक्रम’ और लक्ष्य कार्यक्रम को कड़ाई से लागू करने पर जोर दिया। राज्य नोडल अधिकारी डॉ. अमित शुक्ल ने बताया कि राज्य के पांच जिलों के 10 अस्पतालों में लक्ष्य कार्यक्रम लागू किया गया है। इनमें दो मेडिकल कॉलेज भी शामिल हैं। कार्यशाला में विभिन्न जिलोें के चिकित्सक, स्टाफ नर्स, क्वालिटी मैनेजर, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं स्वास्थ्य महानिदेशालय के अधिकारी शामिल रहे।
हरिद्वार महिला अस्पताल सर्वश्रेष्ठ
नोडल अधिकारी डॉ. शुुक्ल ने बताया कि हरिद्वार के महिला अस्पताल द्वारा अधिकतम मानकों को पूरा किया है और ये अस्पताल जल्द ही लक्ष्य प्रमाणित हो जाएगा। वहीं अन्य अस्पतालों को 15 अगस्त तक लक्ष्य प्रमाणित होने के लिए कहा गया है।
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प्रसव के दौरान या बाद उपरांत प्रसूता और उसके तीमारदारों के साथ डॉक्टर व स्टाफ नर्स के द्वारा अभद्रता की शिकायत आने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह बात राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक युगल किशोर पंत ने मंगलवार को ‘लक्ष्य कार्यक्रम’ के कार्यक्रम के दौरान कही। इसके अलावा उन्होंने मातृ एवं शिशु देखभाल को बेहतर बनाने, प्रसव एवं ऑपरेशन थियेटर से संबंधित सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के निर्देश दिए।
‘लक्ष्य कार्यक्रम’ के तहत संभागीय प्रशिक्षण केंद्र चंदरनगर में आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ मिशन निदेशक युगल किशोर पंत ने किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों, चिकित्सकों तथा स्टाफ नर्स को गर्भवती को अच्छी और बेहतर सुविधाएं देने और प्रसूता व उसके तीमारदारों से सद्व्यवहार की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि सम्मानजनक मातृत्व देखभाल से मातृ-शिशु मृत्यु दर कम की जा सकती है। इसके अलावा उन्होंने ऑपरेशन कक्ष की सुविधाओं में गुणात्मक सुधार की जरूरत बताई। स्वास्थ्य विभाग की एनएचएम निदेशक डॉ. अंजलि नौटियाल ने केंद्र सरकार के ‘क्वालिटी एश्योरेंस कार्यक्रम’ और लक्ष्य कार्यक्रम को कड़ाई से लागू करने पर जोर दिया। राज्य नोडल अधिकारी डॉ. अमित शुक्ल ने बताया कि राज्य के पांच जिलों के 10 अस्पतालों में लक्ष्य कार्यक्रम लागू किया गया है। इनमें दो मेडिकल कॉलेज भी शामिल हैं। कार्यशाला में विभिन्न जिलोें के चिकित्सक, स्टाफ नर्स, क्वालिटी मैनेजर, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं स्वास्थ्य महानिदेशालय के अधिकारी शामिल रहे।
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हरिद्वार महिला अस्पताल सर्वश्रेष्ठ
नोडल अधिकारी डॉ. शुुक्ल ने बताया कि हरिद्वार के महिला अस्पताल द्वारा अधिकतम मानकों को पूरा किया है और ये अस्पताल जल्द ही लक्ष्य प्रमाणित हो जाएगा। वहीं अन्य अस्पतालों को 15 अगस्त तक लक्ष्य प्रमाणित होने के लिए कहा गया है।
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