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‘सरकार नियोक्ता नहीं, खुद करने होंगे प्रयास’

Fri, 16 Feb 2018 01:36 AM IST
Updated Fri, 16 Feb 2018 01:36 AM IST
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‘सरकार नियोक्ता नहीं, खुद करने होंगे प्रयास’
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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इंडिया फाउंडेशन के निदेशक एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बेटे शौर्य डोभाल ने बृहस्पतिवार को दून के ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं से ‘विजन इंडिया’ पर संवाद किया। डोभाल ने कहा, सरकार नियोक्ता नहीं है। सफलता के लिए हमें खुद ही प्रयास करने होंगे। छात्र-छात्राओं मेें जोश भरते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवा किसी से कम नहीं हैं। नई सोच और ऊर्जा के साथ कर गुजरने की ठान लें तो कुछ भी नामुमकिन नहीं है। शौर्य डोभाल ने कहा कि हर 25 वर्ष में जनरेशन की सोच बदलती है। 2022 में देश की आजादी के 75 साल पूरे हो जाएंगे। 2047 में आजादी के 100 साल में प्रवेश करेंगे। न्यू इंडिया के लिए युवाओं को माइंड सेट बदलने की जरूरत है। शौर्य डोभाल ने न्यू इंडिया के निर्माण के लिए तीन बिंदुओं पर जोर दिया...
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सुरक्षित भारत का निर्माण
शौर्य डोभाल ने कहा कि आंतरिक सुरक्षा, महिला सुरक्षा, नागरिक सुरक्षा और सीमाओं की सुरक्षा से ही न्यू इंडिया का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से देश ने सैन्य शक्ति बढ़ाने का काम किया, जिसकी बदौलत हम परमाणु शक्ति बनकर दुनिया में उभरे और दुनिया के सैन्य शक्ति संपन्न राष्ट्रों में शामिल हुए हैं।
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आर्थिक रूप से समृद्ध भारत बनाना
शौर्य डोभाल ने कहा कि आजादी के 70 वर्षों में देश ने आर्थिक प्रगति की है। 1960 में प्रति व्यक्ति आय 30 रुपये थी, जो आज कई गुना हो चुकी है। उन्होंने कहा कि भारत जल्दी ही पांच खरब डॉलर वाली अर्थव्यवस्था वाला सशक्त राष्ट्र हो जाएगा। विश्व में 16 राष्ट्र ही ऐसे हैं, जिनकी अर्थव्यवस्था एक खरब डॉलर से अधिक है। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था का आधार वर्तमान केंद्र सरकार की जनधन योजना, मुद्रा योजना, स्टार्टअप योजना, प्रधानमंत्री बीमा योजना, कृषि बीमा योजना और डिजिटल इंडिया हैं।
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निष्पक्ष भारत का निर्माण करना
बिना भेदभाव के सभी नागरिकों को समान अवसर उपलब्ध हों, ताकि युवा रोजगार सृजन की शक्ति बढ़ा सके। रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए अर्थव्यवस्था को और तेज गति से बढ़ाना होगा। डोभाल ने कहा कि उत्तराखंड में पलायन बड़ा मुद्दा है। इसे रोकने के लिए कोई बाहर से नहीं आएगा। युवाओं को खुद रोजगार सृजन कर आत्मनिर्भर बनना होगा। स्वच्छ भारत जैसे कार्य तभी संपन्न होंगे जब अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। आंतरिक सुरक्षा एवं अर्थव्यवस्था दोनों इन्फार्मेशन टेक्नालॉजी के उपयोग से मजबूत होंगी।
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महिला-पुरुष दोनों के लिए समान अवसर
संवाद कार्यक्रम में टिहरी की सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह ने नारी सशक्तीकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। आज का युग प्रतिस्पर्धा का युग है, जिसमें नारी एवं पुरुष दोनों के लिए समान अवसर हैं। इस अवसर पर मृणाल डोभाल, अजेंद्र अजय, दून विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सीएस नौटियाल, कुलसचिव प्रो. एससी पुरोहित, प्रो. हर्ष डोभाल, डॉ.आशीष सिन्हा, डॉ.सुधांशु जोशी, डॉ.प्राची पाठक, मुकेश देवराड़ी, डॉ.मधु बिष्ट और रमनप्रीत समेत अन्य लोग उपस्थित थे। संवाद कार्यक्रम का संचालन प्रबंध शास्त्र विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.रीना सिंह ने किया।

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छात्र-छात्राओं ने देश की उन्नति से जुड़े सवाल पूछे
संवाद कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने शौर्य डोभाल से देश की उन्नति से जुड़े सवाल पूछे। डोभाल ने कहा कि उन्नत भारत का सपना तभी साकार होगा जब हम खुद पर और देश पर पूरी तरह से विश्वास करेंगे। न्यायसंगत तभी होगा जब हर नागरिक को समान अधिकार और विकल्प मिलेगा। इस दौरान ग्राफिक एरा ग्रुप के अध्यक्ष डॉ.कमल घनशाला, विवि के कुलपति प्रो. एलएमएस पालनी, दुर्गेश पंत, प्रो. आरसी जोशी, प्रो. संजय जसोला मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रो. एमपी सिंह और साहिब सबलोक ने किया।
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