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ब्रिटिश शासनकाल में बनी वन नीति में होगा बदलाव

Sat, 06 Apr 2019 01:39 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 06 Apr 2019 01:39 AM IST
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ब्रिटिश शासनकाल में बनी वन नीति में होगा बदलाव
ब्रिटिश शासनकाल में बनी वन नीति में होगा बदलाव
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। ब्रिटिश शासनकाल में बनाई गई वन नीति में बदलाव किया जाएगा। इसके लिए केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने सभी राज्यों को पत्र भेजकर वन नीति में किए जाने वाले संशोधनोें को लेकर प्रस्ताव मांगें थे। जिस पर प्रमुख वन संरक्षक ने आला अफसरों की चार सदस्यीय समिति गठित कर प्रस्ताव तैयार कर मंत्रालय को भेज दिया है।
उल्लेखनीय है कि सबसे पहले राष्ट्रीय वन नीति का मसौदा अंग्रेजी शासनकाल के दौरान 1894 में तैयार किया गया था। आजादी के बाद इसे 1952 में संशोधित किया। कई दशक बाद साल 1988 में राष्ट्रीय वन नीति में फिर संशोधन किया गया। अब केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने एक बार फिर राष्ट्रीय वन नीति में संशोधन की तैयारी है। इसके लिए कुछ दिन पहले मंत्रालय ने प्रस्तावित नीति का मसौदा तैयार कर सभी राज्य सरकारों को भेजा था। साथ ही राज्यों से सुझाव भी मांगें गए थे।
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प्रमुख वन संरक्षक जयराज ने बताया कि राज्य में आला अफसरों की चार सदस्यीय टीम गठित कर प्रस्तावित राष्ट्रीय वन नीति का अध्ययन कराया गया है। इसमें कुछ सुझाव के साथ ही मसौदा मंत्रालय को भेज दिया गया है।
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उल्लेखनीय है कि वर्तमान में जो राष्ट्रीय वन नीति प्रचलन में उनमें तमाम ऐसे प्रावधान हैं जिनकी आज के दौर में कोई उपयोगिता नहीं है। साथ ही नई राष्ट्रीय वन नीति में कई नए प्रावधानों को शामिल किए जाने की जरूरत है।
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