{"_id":"5c228e7bbdec2256a22379c0","slug":"111545768571-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"देश की आजादी में मालवीय का महत्वपूर्ण योगदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देश की आजादी में मालवीय का महत्वपूर्ण योगदान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
देश की आजादी में भारत रत्न पं. मदन मोहन मालवीय का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वे एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्हें महामना की उपाधि मिली है। महामना ने युवाओं को देश की आजादी के लिए प्रेरित किया।
ये बातें मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को कांवली रोड स्थित हिंदू नेशनल कॉलेज में कहीं। मुख्यमंत्री पं. मालवीय की 157वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मालवीय संस्कृत के विद्वान थे। उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय की शुरुआत की। जिसका उद्देश्य युवाओं को शिक्षित कर देश सेवा के लिए तैयार करना था। इससे पहले मुख्यमंत्री ने मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस मौके पर महामना मालवीय मिशन देहरादून के अध्यक्ष डॉ. श्रीकांत चन्दोला, बालकृष्ण जायसवाल, अनिल गोयल, विधु गैरोला आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
देश की आजादी में भारत रत्न पं. मदन मोहन मालवीय का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वे एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्हें महामना की उपाधि मिली है। महामना ने युवाओं को देश की आजादी के लिए प्रेरित किया।
ये बातें मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को कांवली रोड स्थित हिंदू नेशनल कॉलेज में कहीं। मुख्यमंत्री पं. मालवीय की 157वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मालवीय संस्कृत के विद्वान थे। उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय की शुरुआत की। जिसका उद्देश्य युवाओं को शिक्षित कर देश सेवा के लिए तैयार करना था। इससे पहले मुख्यमंत्री ने मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस मौके पर महामना मालवीय मिशन देहरादून के अध्यक्ष डॉ. श्रीकांत चन्दोला, बालकृष्ण जायसवाल, अनिल गोयल, विधु गैरोला आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन