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हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगा मोर्चा
Updated Sat, 27 Oct 2018 02:48 AM IST
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हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगा मोर्चा
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। उत्तराखंड कर्मचारी शिक्षक आउटसोर्स मोर्चा के पदाधिकारियों ने सरकार व शासन पर हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि यदि सरकार व शासन के स्तर पर कर्मचारियों से जुड़ी तमाम मांगों का निस्तारण जल्द नहीं किया गया तो इस संबंध में नए सिरे से हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की जाएगी।
उत्तराखंड कर्मचारी शिक्षक आउटसोर्स मोर्चा के मुख्य संयोजक ठाकुर प्रहलाद सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि हाईकोर्ट ने 31 अगस्त को दिए गए एक आदेश में कहा था कि कर्मचारियों की लंबित मांगों के निस्तारण के लिए आठ हफ्ते के अंदर प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया जाए, जिसमें सभी विभागों के सचिवों, विभागाध्यक्षों, संगठन पदाधिकारियों, महासंघ व फेडरेशन के पदाधिकारियों को शामिल कर मांगों पर विचार विमर्श किया जाए, लेकिन अभी तक सरकार व शासन के स्तर पर इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई जिसके चलते कर्मचारियों में आक्रोश है।
प्रहलाद सिंह ने कहा कि उत्तराखंड कर्मचारी शिक्षक आउटसोर्स मोर्चा के पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह से मुलाकात कर हाईकोर्ट के निर्देशों के क्रम में समिति का गठन करने और कर्मचारियों की लंबित मांगों के निस्तारण की मांग करेगा। यदि शासन व सरकार के स्तर पर इस संबंध में कुछ नहीं किया गया तो मोर्चा हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगा।
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बैठक में मोर्चे के मुख्य संयोजक ठाकुर प्रहलाद सिंह इंसारुलहक, नंदकिशोर त्रिपाठी, राकेश प्रसाद मामगई, शक्ति प्रसाद भट्ट, चौधरी ओमवीर सिंह, एसपी सेमवाल, सीपी सुयाल, गुड्डी मटूडा़, हेमलता भंडारी, बबीता बिष्ट, मंजू बडोला, रेनू लांबा, राकेश शर्मा, बनवारी सिंह रावत, एसपी राणाकोटी, रामचंद्र रतूड़ी, दिनेश पंत, हरदेव रावत, रविंद्र भगत, गजेंद्र कपिल, प्रमोद रावत, प्रवीन रावत, गोविंद सिंह, सत्येंद्र कुमार, नाम बहादुर, लक्ष्मी रावत, ललिता देवी समेत तमाम संगठनों के पदाधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। उत्तराखंड कर्मचारी शिक्षक आउटसोर्स मोर्चा के पदाधिकारियों ने सरकार व शासन पर हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि यदि सरकार व शासन के स्तर पर कर्मचारियों से जुड़ी तमाम मांगों का निस्तारण जल्द नहीं किया गया तो इस संबंध में नए सिरे से हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की जाएगी।
उत्तराखंड कर्मचारी शिक्षक आउटसोर्स मोर्चा के मुख्य संयोजक ठाकुर प्रहलाद सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि हाईकोर्ट ने 31 अगस्त को दिए गए एक आदेश में कहा था कि कर्मचारियों की लंबित मांगों के निस्तारण के लिए आठ हफ्ते के अंदर प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया जाए, जिसमें सभी विभागों के सचिवों, विभागाध्यक्षों, संगठन पदाधिकारियों, महासंघ व फेडरेशन के पदाधिकारियों को शामिल कर मांगों पर विचार विमर्श किया जाए, लेकिन अभी तक सरकार व शासन के स्तर पर इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई जिसके चलते कर्मचारियों में आक्रोश है।
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प्रहलाद सिंह ने कहा कि उत्तराखंड कर्मचारी शिक्षक आउटसोर्स मोर्चा के पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह से मुलाकात कर हाईकोर्ट के निर्देशों के क्रम में समिति का गठन करने और कर्मचारियों की लंबित मांगों के निस्तारण की मांग करेगा। यदि शासन व सरकार के स्तर पर इस संबंध में कुछ नहीं किया गया तो मोर्चा हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगा।
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बैठक में मोर्चे के मुख्य संयोजक ठाकुर प्रहलाद सिंह इंसारुलहक, नंदकिशोर त्रिपाठी, राकेश प्रसाद मामगई, शक्ति प्रसाद भट्ट, चौधरी ओमवीर सिंह, एसपी सेमवाल, सीपी सुयाल, गुड्डी मटूडा़, हेमलता भंडारी, बबीता बिष्ट, मंजू बडोला, रेनू लांबा, राकेश शर्मा, बनवारी सिंह रावत, एसपी राणाकोटी, रामचंद्र रतूड़ी, दिनेश पंत, हरदेव रावत, रविंद्र भगत, गजेंद्र कपिल, प्रमोद रावत, प्रवीन रावत, गोविंद सिंह, सत्येंद्र कुमार, नाम बहादुर, लक्ष्मी रावत, ललिता देवी समेत तमाम संगठनों के पदाधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।