{"_id":"5b942e9f867a557f195f35d6","slug":"111536437919-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिटकुल के एई समेत पांच अभियंताओं पर गिरी गाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पिटकुल के एई समेत पांच अभियंताओं पर गिरी गाज
Updated Sun, 09 Sep 2018 01:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिटकुल के एई समेत पांच अभियंताओं पर गिरी गाज
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
देहरादून। पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) के लक्सर स्थित 132/33 केवीए पावर सब स्टेशन में बिजली चोरी के मामले में प्रथम दृष्टया गड़बड़ी पाए जाने पर प्रबंध निदेशक ने सहायक अभियंता व चार अवर अभियंताओं समेत पांच अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित कर दिया है। इसके साथ ही प्रकरण की जांच के लिए मुख्य अभियंता की अगुवाई में जांच कमेटी गठित कर दी है। इसके अलावा पावर सब स्टेशन पर लगे मीटर को सील कर दिया गया है।
बता दें, लक्सर स्थित 132/33 केवीए पावर सब स्टेशन में बिजली चोरी का मामला सामने आया था। प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल के आदेश पर इसकी जांच कराई गई थी। जांच में प्रथम दृष्टया मामला बिजली चोरी का निकला है। प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल ने बताया कि इस मामले में सहायक अभियंता व चार अवर अभियंताओं समेत पांच अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित कर दिया गया है। सब स्टेशन में लगे मीटर को सील करके नया मीटर लगाया गया है। पावर स्टेशन में लगे मीटर की एमआरआई कराई गई है। जिसकी रिपोर्ट आनी बाकी है। आगे की जांच के लिए मुख्य अभियंता की अगुवाई में टीम गठित की गई है।
यूपीसीएल ने भी शुरू कराई जांच
बिजली चोरी का प्रकरण उजागर होने के बाद पिटकुल के साथ ही यूपीसीएल के स्तर पर भी जांच शुरू कर दी गई है। ऐसे में इस बात की आशंका है कि पिटकुल के पांच अभियंताओं के तर्ज पर ही यूपीसीएल के कई अभियंताओं पर भी गाज गिर सकती है। पिटकुल प्रबंधन के स्तर पर की गई कार्रवाई को लेकर अभियंताओं में हड़कंप है।
विज्ञापन
---
बिजली चोरी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच रिपोर्ट में अभियंताओं की संलिप्तता पाई जाती है तो उनको निलंबित करने के साथ ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बिजली चोरी के लिए उपभोक्ता ही नहीं वरन विभागीय अफसर, अभियंता भी सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे। यदि कहीं भी बड़े पैमाने पर बिजली की चोरी की जा रही है तो इसकी जानकारी पिटकुल, यूपीसीएल प्रबंध निदेशकों के अलावा शासन को गोपनीय तरीके से दर्ज कराई जा सकती है।
-राधिका झा, सचिव ऊर्जा
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
देहरादून। पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) के लक्सर स्थित 132/33 केवीए पावर सब स्टेशन में बिजली चोरी के मामले में प्रथम दृष्टया गड़बड़ी पाए जाने पर प्रबंध निदेशक ने सहायक अभियंता व चार अवर अभियंताओं समेत पांच अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित कर दिया है। इसके साथ ही प्रकरण की जांच के लिए मुख्य अभियंता की अगुवाई में जांच कमेटी गठित कर दी है। इसके अलावा पावर सब स्टेशन पर लगे मीटर को सील कर दिया गया है।
बता दें, लक्सर स्थित 132/33 केवीए पावर सब स्टेशन में बिजली चोरी का मामला सामने आया था। प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल के आदेश पर इसकी जांच कराई गई थी। जांच में प्रथम दृष्टया मामला बिजली चोरी का निकला है। प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल ने बताया कि इस मामले में सहायक अभियंता व चार अवर अभियंताओं समेत पांच अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित कर दिया गया है। सब स्टेशन में लगे मीटर को सील करके नया मीटर लगाया गया है। पावर स्टेशन में लगे मीटर की एमआरआई कराई गई है। जिसकी रिपोर्ट आनी बाकी है। आगे की जांच के लिए मुख्य अभियंता की अगुवाई में टीम गठित की गई है।
विज्ञापन
यूपीसीएल ने भी शुरू कराई जांच
बिजली चोरी का प्रकरण उजागर होने के बाद पिटकुल के साथ ही यूपीसीएल के स्तर पर भी जांच शुरू कर दी गई है। ऐसे में इस बात की आशंका है कि पिटकुल के पांच अभियंताओं के तर्ज पर ही यूपीसीएल के कई अभियंताओं पर भी गाज गिर सकती है। पिटकुल प्रबंधन के स्तर पर की गई कार्रवाई को लेकर अभियंताओं में हड़कंप है।
विज्ञापन
---
बिजली चोरी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच रिपोर्ट में अभियंताओं की संलिप्तता पाई जाती है तो उनको निलंबित करने के साथ ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बिजली चोरी के लिए उपभोक्ता ही नहीं वरन विभागीय अफसर, अभियंता भी सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे। यदि कहीं भी बड़े पैमाने पर बिजली की चोरी की जा रही है तो इसकी जानकारी पिटकुल, यूपीसीएल प्रबंध निदेशकों के अलावा शासन को गोपनीय तरीके से दर्ज कराई जा सकती है।
-राधिका झा, सचिव ऊर्जा