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स्कूली बच्चों को बताएं बरसात में सतर्क रहने के तरीके
Updated Wed, 08 Aug 2018 02:48 AM IST
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स्कूली बच्चों को बताएं बरसात में सतर्क रहने के तरीके
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्रार्थना सभा में अब बरसात के दिनों में बरती जाने वाली सावधानियां बताई जाएंगी। इसके लिए मंगलवार को शिक्षा महानिदेशक कैप्टन आलोक शेखर तिवारी ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। जिनमें भारी बारिश के हिसाब से स्कूल की छुट्टी तय करने को भी कहा गया है।
शिक्षा महानिदेशक ने कहा है कि मौसम विभाग की ओर से जारी होने वाली चेतावनी को नजरअंदाज न किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल आने-जाने वाले ऐसे रास्तों की पहचान की जाए, जो खतरनाक हैं। किसी भी दिन अधिक बारिश होने या इसकी संभावना को देखते हुए अभिभावकों को भी अपने बच्चों को स्कूल न भेजने की सलाह दी गई है। शिक्षा विभाग अब समय-समय पर यह देखेगा कि जिस मार्ग से बच्चे आ रहे हैं, वह खतरनाक तो नहीं हो गया है। अगर ऐसा होगा तो संबंधित ग्राम प्रधान के साथ मिलकर रास्ता सुरक्षित बनाया जाएगा। अधिक बारिश होने पर अचानक छुट्टी नहीं की जाएगी। इसके बजाए यह देखा जाए कि नदी-नालों का उफान कम होने पर ही बच्चों को घर भेजा जाए। स्थानीय अभिभावकों के सहयोग से बच्चों को सकुशल स्कूल से घर भेजने की व्यवस्था की जाए। बच्चों को हर दिन प्रार्थना सभा में आपदा में बचाव के तरीके और बरसात में बरती जाने वाली सावधानियां बताई जाएं। जो बच्चे समझदारी दिखाएं और सावधानी बरतें, उनके अनुभव भी दूसरे बच्चों को प्रार्थना सभा में बताए जाएं।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्रार्थना सभा में अब बरसात के दिनों में बरती जाने वाली सावधानियां बताई जाएंगी। इसके लिए मंगलवार को शिक्षा महानिदेशक कैप्टन आलोक शेखर तिवारी ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। जिनमें भारी बारिश के हिसाब से स्कूल की छुट्टी तय करने को भी कहा गया है।
शिक्षा महानिदेशक ने कहा है कि मौसम विभाग की ओर से जारी होने वाली चेतावनी को नजरअंदाज न किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल आने-जाने वाले ऐसे रास्तों की पहचान की जाए, जो खतरनाक हैं। किसी भी दिन अधिक बारिश होने या इसकी संभावना को देखते हुए अभिभावकों को भी अपने बच्चों को स्कूल न भेजने की सलाह दी गई है। शिक्षा विभाग अब समय-समय पर यह देखेगा कि जिस मार्ग से बच्चे आ रहे हैं, वह खतरनाक तो नहीं हो गया है। अगर ऐसा होगा तो संबंधित ग्राम प्रधान के साथ मिलकर रास्ता सुरक्षित बनाया जाएगा। अधिक बारिश होने पर अचानक छुट्टी नहीं की जाएगी। इसके बजाए यह देखा जाए कि नदी-नालों का उफान कम होने पर ही बच्चों को घर भेजा जाए। स्थानीय अभिभावकों के सहयोग से बच्चों को सकुशल स्कूल से घर भेजने की व्यवस्था की जाए। बच्चों को हर दिन प्रार्थना सभा में आपदा में बचाव के तरीके और बरसात में बरती जाने वाली सावधानियां बताई जाएं। जो बच्चे समझदारी दिखाएं और सावधानी बरतें, उनके अनुभव भी दूसरे बच्चों को प्रार्थना सभा में बताए जाएं।
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