{"_id":"5b636eb94f1c1b61508b6bcd","slug":"111533243065-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब परिवहन के 150 कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब परिवहन के 150 कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृति
Updated Fri, 03 Aug 2018 02:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
परिवहन निगम से 150 कर्मी होंगे विदा
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
जीएमवीएन समेत कई विभागों में अनिवार्य सेवानिवृत्त के बाद अब उत्तराखंड परिवहन निगम में भी 50 की उम्र पार कर चुके 150 से अधिक कर्मचारियों को विदा करने की तैयारी चल रही है। इन कर्मचारियों में अधिकतर अक्षम हैं और विभागीय स्तर पर कई बार दंडित हो चुके हैं। हालांकि, इतने कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने के लिए करीब 22 करोड़ के बजट की जरूरत होगी।
परिवहन निगम सूत्रों के मुताबिक मुख्यालय स्तर से सहायक महाप्रबंधकों के जरिए 50 की उम्र पार कर चुके कर्मचारियों के विवरण के साथ ही कामकाज में दिलचस्पी नहीं लेने वाले और कई बार दंडित होने वालों कर्मियों का ब्यौरा मांगा गया था। निगम के ऐसे 150 कर्मचारियों को चिह्नित कर लिया गया है जिन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति के दायरे में रखा गया है। इनमें कई महिला कर्मचारी भी शामिल हैं। हालांकि इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने के लिए 22 करोड़ रुपये की बजट की जरूरत होगी। ऐसे में वित्तीय संकट से जूझ रहे परिवहन निगम के लिए यह कदम फिलहाल संभव नहीं है। सूत्रों की मानें तो यह प्रकरण शासन के संज्ञान में भी लाया गया है।
वहीं परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक बीके संत के अनुसार इस संबंध में विभागीय स्तर पर कुछ प्रक्रिया शुरू की गई है, लेकिन अभी मामला बेहद शुरुआती दौर में हैं। हालांकि उन्होंने माना कि परिवहन निगम में 50 की उम्र पार कर चुके कुछ कर्मचारी काम नहीं करते हैं या फिर दूसरे कर्मचारियों के काम में रोड़ा लगाते हैं। ऐसे कर्मचारियों को चिह्नित कर अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकती है। इस संबंध में अफसरों व कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
जीएमवीएन समेत कई विभागों में अनिवार्य सेवानिवृत्त के बाद अब उत्तराखंड परिवहन निगम में भी 50 की उम्र पार कर चुके 150 से अधिक कर्मचारियों को विदा करने की तैयारी चल रही है। इन कर्मचारियों में अधिकतर अक्षम हैं और विभागीय स्तर पर कई बार दंडित हो चुके हैं। हालांकि, इतने कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने के लिए करीब 22 करोड़ के बजट की जरूरत होगी।
परिवहन निगम सूत्रों के मुताबिक मुख्यालय स्तर से सहायक महाप्रबंधकों के जरिए 50 की उम्र पार कर चुके कर्मचारियों के विवरण के साथ ही कामकाज में दिलचस्पी नहीं लेने वाले और कई बार दंडित होने वालों कर्मियों का ब्यौरा मांगा गया था। निगम के ऐसे 150 कर्मचारियों को चिह्नित कर लिया गया है जिन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति के दायरे में रखा गया है। इनमें कई महिला कर्मचारी भी शामिल हैं। हालांकि इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने के लिए 22 करोड़ रुपये की बजट की जरूरत होगी। ऐसे में वित्तीय संकट से जूझ रहे परिवहन निगम के लिए यह कदम फिलहाल संभव नहीं है। सूत्रों की मानें तो यह प्रकरण शासन के संज्ञान में भी लाया गया है।
विज्ञापन
वहीं परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक बीके संत के अनुसार इस संबंध में विभागीय स्तर पर कुछ प्रक्रिया शुरू की गई है, लेकिन अभी मामला बेहद शुरुआती दौर में हैं। हालांकि उन्होंने माना कि परिवहन निगम में 50 की उम्र पार कर चुके कुछ कर्मचारी काम नहीं करते हैं या फिर दूसरे कर्मचारियों के काम में रोड़ा लगाते हैं। ऐसे कर्मचारियों को चिह्नित कर अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकती है। इस संबंध में अफसरों व कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन